पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य दोषियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में हुई मौत के मामले में पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर और अन्य दोषियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीड़िता ने एक याचिका दायर कर दोषियों की 10 साल की जेल की सजा को बढ़ाकर फांसी में बदलने की मांग की है। मामले में अगली सुनवाई दो मार्च को निर्धारित की गई है।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने पीड़िता की उस अर्जी पर भी नोटिस जारी किया, जिसमें ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में हुई 1940 से अधिक दिनों की देरी को माफ करने का अनुरोध किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पहले अपील की स्वीकार्यता पर निर्णय लिया जाएगा।
पीड़िता ने अपनी अपील में तर्क दिया है कि कुलदीप सेंगर और अन्य दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया जाना चाहिए और उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें गैर-इरादतन हत्या (धारा 304) का दोषी माना था, उसमें संशोधन की आवश्यकता है। इस मामले में सेंगर, उनके भाई जयदीप और अन्य को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।
बता दें कि नौ फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह सेंगर की दोषसिद्धि के खिलाफ अपील और पीड़िता की सजा बढ़ाने की याचिका पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करे। शीर्ष अदालत ने मामले का निपटारा तीन महीने के भीतर करने को कहा है।
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