search

शादी है, छुट्टी दे दीजिए…; बिहार विधानपरिषद में क्यों दिखाना पड़ा कार्ड? आखिरकार पसीज गई सरकार

LHC0088 3 hour(s) ago views 885
  

शादी की छुट्टी के मामले पर सदन में हुई ठिठोली। सांकेत‍िक तस्‍वीर  



राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics: बिहार विधानपरिषद में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग के स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के अवकाश को लेकर खूब बहस हुई।

डाॅ. संजीव कुमार सिंह ने तारांकित प्रश्न करते हुए बताया कि शिक्षकों को प्रधानाचार्य की जगह निदेशालय के स्तर से अवकाश की स्वीकृति दी जा रही है।

उन्होंने सदन में एक शिक्षक के शादी का कार्ड दिखाते हुए कहा कि आवेदन के बावजूद अभी तक अवकाश की स्वीकृति नहीं दी गई है।
मंत्री ने बताई छुट्टी की प्रक्र‍िया

इस पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि कहीं ऐसा नहीं है न कि दूसरी-तीसरी शादी है। विभागीय मंत्री लखेन्द्र कुमार रोशन ने कहा कि प्रधानाचार्य की अनुशंसा जिला कल्याण पदाधिकारी को भेजी जाती है, जिसके द्वारा यह निदेशालय तक पहुंचती है जहां मुख्यालय स्तर पर अवकाश की स्वीकृति मिलती है।

इस पर नीरज कुमार ने कहा कि यह नौवां आश्चर्य है कि काम स्कूल में करेंगे और छुट्टी निदेशालय से मिलेगी। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि शिक्षक-प्राचार्य से साठ-गांठ कर अवकाश ले रहे थे और इसकी जानकारी भी मुख्यालय को नहीं होती थी, इसलिए यह व्यवस्था की गई है।

संजीव कुमार सिंह ने कहा कि यह आवासीय विद्यालय है और यहां शिक्षक रहते हैं। कृपया इसका निदान करें। इस पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वह समीक्षा बैठक कर इस मामले को दिखवा लेंगे।

सभापति ने कहा कि आप अपने स्तर से इसे देख लीजिए और छुट्टी भी दिलवा दीजिए। अवकाश के आश्वासन के बाद संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने चुटकी लेते हुए कहा कि इतनी चर्चा होगी तो कहीं बनी शादी बिगड़ न जाए। पहले यह देख लीजिए। इस पर सदन में सदस्यों के चेहरे पर मुस्कुराहट तैर गई।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
162634