किशनगंज में लगातार हो रहे साइबर अपराध के मामले।
जागरण संवाददाता, किशनगंज। साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पहले एपीके फाइल भेजकर या इनाम का लालच देकर ठगी की जाती थी, लेकिन अब ठग कूरियर कंपनी के कर्मी बनकर लोगों के मोबाइल फोन हैक कर रहे हैं। फोन हैक करने के बाद वे ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर बैंक खातों से रकम उड़ाने की कोशिश करते हैं। हाल के दिनों में किशनगंज में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।
परिचितों के कॉल भी हैकर के पास जाने लगे
लाइन पाड़ा निवासी अभिषेक कुमार को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। ट्रूकॉलर पर एक कूरियर कंपनी का नाम दिख रहा था। कॉल करने वाले ने खुद को कूरियर कर्मी बताते हुए कहा कि उनके नाम से एसबीआइ का कूरियर आया है, लेकिन पता स्पष्ट नहीं मिल रहा। इसके बाद एक दूसरा नंबर मैसेज कर उस पर संपर्क करने को कहा गया। जैसे ही अभिषेक ने दिए गए नंबर पर कॉल किया, उनका मोबाइल असामान्य तरीके से काम करने लगा और कुछ देर में पूरी तरह हैक हो गया। उनके परिचितों के कॉल हैकर के पास जाने लगे। बाद में दूसरे नंबर से सूचना मिलने पर उन्हें मामले की जानकारी हुई। उन्होंने तुरंत मोबाइल बंद कर ठीक कराया और शिकायत दर्ज कराई। सतर्कता के कारण इस बार साइबर अपराधी पैसे नहीं उड़ा सके।
बीमा कंपनी से एक पत्र आया है और पता स्पष्ट नहीं है
वार्ड संख्या 17 की अनिता कुमारी को भी इसी तरह कॉल आया। उन्हें बताया गया कि बीमा कंपनी से एक पत्र आया है और पता स्पष्ट नहीं है। उन्हें भी एक अन्य नंबर पर संपर्क करने को कहा गया। लगातार कॉल आने पर उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने दिए गए नंबर पर कॉल नहीं किया। परिवार के लोगों को जानकारी देने के बाद उन्होंने फोन हैक होने से खुद को बचा लिया।
वीडियो कॉल किया गया
एक शिक्षिका को भी पहले इसी प्रकार कॉल किया गया। जब उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी तो वीडियो कॉल किया गया। शिक्षिका ने सतर्कता दिखाते हुए फ्रंट कैमरे को ढककर कॉल रिसीव किया, जहां अश्लील वीडियो दिखाया गया। उन्होंने तुरंत समझ लिया कि यह साइबर गिरोह की हरकत है और मौखिक शिकायत साइबर थाना में दर्ज कराई।
ऐसे मामलों में सतर्क रहना जरूरी है। किसी अनजान नंबर से आए संदिग्ध कॉल या मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें और तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। -
संतोष कुमार, पुलिस अधीक्षक, किशनगंज |
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