search

दिल्ली में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए एफओबी और सबवे का प्रभावी उपयोग हो, जागरुकता और व्यवस्था जरूरी

deltin33 3 hour(s) ago views 919
  

गुरू हनुमान सोसाइटी ऑफ भारत के राष्ट्रीय महासचिव अतुल रणजीत कुमार।



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी में सड़क पार करने के लिए बनाए गए फुटओवर ब्रिज (एफओबी) और सबवे आम नागरिकों की सुरक्षा के उद्देश्य से निर्मित किए गए हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इनका अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है। लोग सुविधा, जल्दबाजी या लापरवाही के चलते इनका इस्तेमाल करने के बजाय सीधे व्यस्त सड़कों को पार करना अधिक आसान समझते हैं। परिणामस्वरूप आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें न केवल पैदल चलने वालों की जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि वाहन चालकों को भी अचानक सामने आए व्यक्ति के कारण हादसे का सामना करना पड़ता है।

दिल्ली जैसे महानगर में जहां ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है, वहां पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार और संबंधित एजेंसियों ने कई प्रमुख सड़कों, बाजारों और चौराहों पर एफओबी और सबवे बनाए हैं, लेकिन इनकी वास्तविक स्थिति चिंताजनक है। कई एफओबी पर लगी लिफ्ट और एस्केलेटर लंबे समय से खराब पड़े रहते हैं। बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाएं, जिन्हें इन सुविधाओं की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, वे खराब लिफ्ट या बंद एस्केलेटर के कारण सीढ़ियां चढ़ने से बचती हैं और मजबूरी में सड़क पार करने का जोखिम उठाती हैं।

इसके अलावा, कई स्थानों पर एफओबी और सबवे अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे हैं। एंट्री और एग्जिट पाइंट पर रेहड़ी-पटरी या अस्थायी दुकानें लग जाती हैं, जिससे आवाजाही बाधित होती है। कुछ जगहों पर इन संरचनाओं के नीचे या आसपास नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे आम लोग, खासकर महिलाएं और छात्राएं, वहां से गुजरने में असहज महसूस करती हैं। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। अंधेरे और असुरक्षित माहौल के कारण लोग सबवे या एफओबी की बजाय सड़क पार करना अधिक सुरक्षित समझते हैं, जो कि वास्तव में और अधिक खतरनाक है।

एक और गंभीर समस्या यह है कि सड़कों के बीच में लगी लोहे की रेलिंग को असामाजिक तत्व तोड़कर बेच देते हैं। इससे सड़क के बीच अवैध कट बन जाते हैं और लोग सीधे वहीं से पार करना शुरू कर देते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए एफओबी के आसपास कम से कम 200 मीटर की दूरी तक मजबूत कंक्रीट की चार फीट ऊंची दीवार बनाई जानी चाहिए, जिसे तोड़ना आसान न हो। इससे पैदल यात्रियों को मजबूरन एफओबी या सबवे का ही उपयोग करना पड़ेगा और अवैध कट की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।

सिर्फ ढांचागत सुधार पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि मानसिकता में बदलाव भी जरूरी है। इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन को स्कूलों, कालेजों, बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। रेड लाइट पर खड़े पैदल यात्रियों को समझाना, सार्वजनिक स्थलों पर घोषणाएं करना और डिजिटल व इंटरनेट मीडिया के माध्यम से संदेश प्रसारित करना प्रभावी उपाय हो सकते हैं।

दीर्घकालिक समाधान के रूप में पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए। बच्चों को शुरू से ही यह सिखाया जाए कि सड़क कैसे पार करनी है, ट्रैफिक सिग्नल का क्या महत्व है और एफओबी व सबवे का उपयोग क्यों आवश्यक है। जब बचपन से ही सड़क सुरक्षा की समझ विकसित होगी, तो भविष्य में जिम्मेदार नागरिक तैयार होंगे।

इसके साथ ही एफओबी और सबवे पर स्पष्ट और आकर्षक साइनेज लगाए जाने चाहिए, जो दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करें। दिशा-निर्देश, दूरी और उपयोग के लाभ स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। लिफ्ट और एस्केलेटर की नियमित मेंटेनेंस सुनिश्चित की जाए और उनकी कार्यस्थिति की समय-समय पर निगरानी हो। जहां अतिक्रमण है, वहां सख्ती से हटाने की कार्रवाई की जाए।

पुलिस पेट्रोलिंग भी मजबूत की जानी चाहिए, विशेषकर उन स्थानों पर जहां नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। नियमित गश्त और कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा होगी और वे निश्चिंत होकर इन सुविधाओं का उपयोग करेंगे। अंततः, एफओबी और सबवे का उपयोग बढ़ाना केवल नियमों या निर्माण से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रशासनिक इच्छाशक्ति, संरचनात्मक सुधार और सामाजिक जागरूकता तीनों का समन्वय आवश्यक है। यदि इन बिंदुओं पर गंभीरता से अमल किया जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और राजधानी की यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकती है।

(यह लेख ट्रैफिक एक्सपर्ट और गुरू हनुमान सोसाइटी ऑफ भारत के राष्ट्रीय महासचिव अतुल रणजीत कुमार की है।)
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
473318