क्या 2027 के चुनाव से पहले गठबंधन करने वाली है बसपा? मायावती ने कर दिया क्लियर
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में बसपा द्वारा गठबंधन किए जाने के कयासों को बुधवार को पार्टी सुप्रीमो मायावती ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी तैयारियों में लगे हमारे नेताओं-कार्यकर्ताओं का ध्यान भटकाने के लिए विरोधियों द्वारा ये साजिश की जा रही है। मीडिया में ऐसी झूठी खबर प्रसारित कराई जा रही हैं। वर्ष 2007 की तरह बसपा अकेले, अपने बलबूते पर विधान सभा लड़ेगी।
बसपा सुप्रीमो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नौ अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में हुए कार्यक्रम में उन्होंने खुले मंच से अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद भी कई बार यह बात दोहराई जा चुकी है। अब इस पर चर्चा-बहस की गुंजाइश नहीं है।
सभी जानते हैं कि कांग्रेस, सपा और भाजपा की सोच संकीर्ण हैं और ये सभी पार्टियां डा. बीआर आंबेडकर की विरोधी हैं। यह भी सच है कि इनसे गठबंधन में बसपा को हमेशा नुकसान ही होता है। पार्टी के लोग ऐसी साजिशों से गुमराह न हों और हाथी की मस्त चाल चलते रहें। वर्ष 2027 में बसपा की सरकार बनाने के लिए काम करते रहें।
बसपा प्रमुख ने दिल्ली में नया बंगला आवंटित होने पर चल रहीं चर्चाओं को लेकर कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा के चलते यह आवंटन किया है। सभी जानते हैं कि सपा की सरकार में उनके मुखिया के इशारे पर दो जून 1995 को स्टेट गेस्ट हाउस में मुझ पर जानलेवा हमला किया गया था।
उसके अगले दिन उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार बनने के बाद केंद्र ने उनको सुरक्षा दी थी। अब यह खतरा और बढ़ गया है, इसी कारण टाइप-8 का बंगला आवंटित हुआ है। जबकि वर्तमान सरकार ने भी पहले कई और भी बंगले अलाट कर दिये थे, जो सुरक्षा कारणों से नहीं लिया है और यदि लिया भी था तो उसे कुछ समय के बाद ही छोड़ दिया था।
वहीं केंद्र में कांग्रेस सरकार के समय भी मुझे टाइप-8 का बंगला ही मिला था। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, विरोधियों की साजिशें तेज होंगी। पार्टी के सभी लोग ऐसी बातों से सावधान रहें।
एआइ पर उठाया प्रश्न
बसपा सुप्रीमो ने बिना उल्लेख किए एआइ समिट पर भी कटाक्ष किया। कहा कि देश व जनहित की कड़वी हकीकत के बारे में देश व दुनिया को जागृत करके लोकतंत्र एवं संविधान को मजबूती प्रदान करने के बजाय इन दिनों \“\“\“\“अर्टिफिशयल इंटेलिजेंस(एआइ) को सफलता की कुंजी बताने की स्वार्थी चर्चाएं की जा रही हैं। |
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