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हरियाणा: डेढ़ साल में 50 हजार गोवंश गोशालाओं में पहुंचा, 19 हजार अभी सड़कों पर

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डेढ़ साल में 50 हजार गोवंश गोशालाओं में पहुंचा। फाइल फोटो



अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा में डेढ़ साल के भीतर करीब 50 हजार गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाने में सफलता मिली है। इसके बावजूद अभी भी करीब 19 हजार गोवंश सड़कों पर घूम रहा है, जिसे गोशालाओं में शिफ्ट नहीं किया जा सका है।

जिलों से शहरी निकाय विभाग के पास पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक, 38 में केवल आठ शहर अभी बेसहारा गोवंश फ्री हो पाए हैं। सबसे खराब स्थिति राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से सटे गुरुग्राम जिले की है।

अकेले गुरुग्राम जिले में साढ़े नौ हजार से अधिक गोवंश सड़कों पर घूम रहा है, जो कि दुर्घटनाओं का कारण बनता जा रहा है। जिन आठ शहरों के बेसहारा गोवंश फ्री होने का दावा किया जा रहा है, उनमें यमुनानगर, सढ़ोरा, रादौर, गन्नौर, गोहाना व खरखौदा तथा करनाल के निसिंग व तरावड़ी शहर शामिल हैं।

बेसहारा गोवंश के सड़कों पर होने की वजह से रोजाना हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में लोगों का जान-माल का नुकसान भी हो रहा है। पिछले एक साल में करीब 18 लोगों के हादसों का शिकार होने की सूचना है। इनमें करीब एक दर्जन लोग मर भी चुके हैं।

हरियाणा सरकार शहरी निकायों की इस परफारमेंस रिपोर्ट से खफा है। गुरुग्राम व फरीदाबाद नगर निगम सहित कई निकायों के अधिकारियों से जवाबदेही मांगी गई है। शहरी निकाय विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले गुरुग्राम शहर में वर्तमान में छह हजार 153 गोवंश सड़कों पर है।

इसी तरह गुरुग्राम जिले के मानेसर में 2000, पटौदी में 1000 और सोहाना में 500 से अधिक गोवंश सड़कों पर घूम रहा हैं। अंबाला शहर में 650, अंबाला छावनी में 1000 से अधिक और नारायणगढ़ में 317 गोवंश सड़कों पर है। फरीदाबाद में 1000, हांसी में 1300, हिसार शहर में 2000 से अधिक और करनाल शहर में 150 से अधिक बेसहारा गोवंश सड़कों पर है।

रोहतक शहर में बेसहारा गोवंश की संख्या 900 तो सोनीपत में 800 से अधिक है। रोहतक के महम में 150 व सांपला में 147, कालका में 145, पंचकूला में सिर्फ नौ, पानीपत में 180, समालखा में 254, नारनौंद में 195 तथा बरवाला में 110 गोवंश सड़कों पर है। पंचकूला में सिर्फ नौ गोवंश के सड़कों पर होने की रिपोर्ट भी चौंकाने वाली है।

रिपोर्ट में कई शहरों के आंकड़ों पर सरकार को भी संशय है। उदाहरण के तौर पर पंचकूला में सैकड़ों गोवंश सड़कों पर देखा जा सकता है। शहरी निकायों की रिपोर्ट के हिसाब से यमुनानगर जिला प्रशासन ने लगभग पूरे जिले को कैटल फ्री घोषित किया हुआ है लेकिन इस जिले के कभी कई शहरों में आज भी बेसहारा पशु सड़कों पर नजर आते हैं।

शहरी निकायों की ओर से बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में शिफ्ट करने के लिए विशेष मुहिम भी चलाई गई। पहली अगस्त 2024 से 31 दिसंबर 2025 की अवधि में 38 शहरों में 49 हजार 507 से अधिक गोवंश को सड़कों से शिफ्ट कर गोशालाओं तक पहुंचाया गया है।

पंचकूला में 2171, पानीपत में 4622, रोहतक में 2077, गोहाना में 1333, सोनीपत में 2655, यमुनानगर में 1713, फरीदाबाद में 4670, गुरुग्राम में पांच हजार 387, मानेसर में 1718, बरवाला में 1702, हांसी में 2195, हिसार में नौ हजार 139 तथा करनाल में 1860 गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाया गया।

शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल के अनुसार उन गोवंश मालिकों पर जुर्माना लगाया गया, जो अपने पशुओं को सड़कों पर छोड़ देेते हैं। अगस्त-2024 से दिसंबर-2025 की अवधि में प्रदेशभर के 38 शहरों में कुल 421 चालान निकायों की ओर से जारी किए गए।

निकायों ने पशु मालिकों पर 36 लाख छह हजार 600 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विपुल गोयल ने शहरी निकायों के अधिकारियों को सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गोवंश को गोशालाओं में यथाशीघ्र प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
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