इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाददाता, दरभंगा । राज्य सरकार खेती के लिए किसानों को अक्सर सुविधाएं देने की घोषणाएं करती रहती है। केंद्र सरकार जहां किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, वहीं राज्य सरकार का नारा है-हर खेत को पानी।
लेकिन खेतों में सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करना महज दिखावा साबित हो रहा है। कारण यह कि जिले में कुल 88 राजकीय उद्वह सिंचाई योजना में से 84 दशकों से ठप पड़े हैं। यानी इनमें से महज चार राजकीय उद्वह सिंचाई योजना ही चालू हालत में है।
जबकि सरकार ने इन सबको ठीक कराकर ग्राम पंचायत राज के हवाले कर देने का फैसला किया था। इस घोषणा से लोग उत्साहित भी हुए थे। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण धीरे-धीरे इन नलकूपों की स्थिति और खराब ही होती जा रही है।
मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार बेनीपुर प्रखंड के जरिसो के साथ-साथ घनश्यामपुर प्रखंड के तुमौल सिंहवाड़ा प्रखंड के सिरहुली और तारडीह प्रखंड के कठरा गांव में चार उद्वह सिंचाई योजना चालू हालत में है।
इनके अलावा बहादुरपुर प्रखंड के सिमरा नेहालपुर पंचायत के चतरिया,बहेड़ी के बघौल,बेनीपुर के महिनाम व सज्जनपुरा,बिरौल के पोखराम सहित 84 गांवों में योजना के तहत दशकों पहले लगाए गए नलकूप बंद हैं।
अधिकतर तो ढहकर खंडहरनुमा बन चुके हैं। जहां शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। इसलिए इन उद्वह सिंचाई योजना में से अधिकतर को आबादी से दूर नदी के किनारे लगाया गया है।
कहीं विद्युत की तकनीकी गड़बड़ी तो कहीं नाला और भवन के ध्वस्त होने, तो कहीं मशीन की चोरी से योजना मृतप्राय बने हुए हैं। बता दें कि इन योजनाओं से अगर किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए तो प्रति कट्ठा खर्च मात्र दो से तीन रुपये आएगा।
इसे समझने के बजाय सरकार सिंचाई की महंगी और खर्चीली योजनाएं लाने में जुटी है।सूत्रों की मानें तो उद्वह सिंचाई योजनाओं के रख रखाव के लिए सरकार ने लघु सिंचाई प्रमंडल दरभंगा के खाता में राशि भी हस्तांतरित कर चुकी है। लेकिन विभाग की लापरवाह नीति के कारण 84 उद्वह सिंचाई योजनाओं के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
खराब उद्वह सिंचाई योजनाओं में से 46 को चालू करवाने को लिए विभागीय स्तर पर जीर्णोद्धार व निर्माण कार्य करने की कार्रवाई की जा रही है।
सुबोध कुमार, कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग दरभंगा। |