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नीमका जेल में अरुण चौधरी ने आतंकी अब्दुल रहमान को क्यों मारा? पुलिस रिमांड पर आरोपी ने बताया सबकुछ

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आतंकी अब्दुल रहमान की नीमका जेल में हत्या का मामला श्रीराम मंदिर से जुड़ गया है। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। नीमका जेल में संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या का मामला अयोध्या में बन रहे श्री राम मंदिर से जुड़ गया है। डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा के मुताबिक, रिमांड पर चल रहे हत्या के आरोपी अरुण चौधरी ने क्राइम ब्रांच को यही बयान दिया है। आतंकी अब्दुल रहमान श्री राम मंदिर पर हमले की साजिश रचते हुए पकड़ा गया था, इसी वजह से अरुण चौधरी उससे नफरत करता था।

अरुण ने शुरुआती पूछताछ में यह बात कही थी, और क्राइम ब्रांच की पूछताछ में भी उसने यही बात दोहराई। पुलिस को इस मामले में नई जानकारी मिली है। अब्दुल रहमान ने खुद ही सेल में पत्थर रखा था। असल में, पत्थर बेंच में कील ठोकने के लिए सेल में लाया गया था।

बाद में अरुण चौधरी ने इसे हथियार की तरह इस्तेमाल करते हुए अब्दुल रहमान के सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। क्राइम ब्रांच हत्या के समय सेल में मौजूद तीसरे युवक शोएब रियाज से जेल के अंदर पूछताछ करेगी। पत्थर बरामद करने के लिए अरुण चौधरी को जेल ले जाया जाएगा।

इस मामले में गैंगस्टर रोहित गोदारा से जुड़े एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी एक पोस्ट शेयर की गई थी, जिसमें अब्दुल रहमान की हत्या को राम मंदिर पर बम विस्फोट की साजिश का हिस्सा बताया गया था। क्राइम ब्रांच ने साफ किया है कि इस मामले से रोहित गोदारा का कोई कनेक्शन नहीं मिला है।

गैंगस्टर अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जाट जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के खौर देवनियां गांव का रहने वाला है। उसका नाम दिसंबर 2023 में सांबा के रहने वाले अक्षय शर्मा की हत्या के बाद सामने आया था। अरुण चौधरी को 2023 में पंजाब में एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया था।

उसे अक्टूबर 2024 में जम्मू-कमशीर की कठुआ जेल से नीमका जेल में ट्रांसफर किया गया था। सिर्फ 20 दिन पहले अरुण चौधरी को नीमका जेल के चक्की सेल में शिफ्ट किया गया था। उसे पहले अब्दुल रहमान और एक दूसरे कैदी शोएब रियाज के साथ एक ही सेल में रखा गया था। 9 फरवरी को उसने अब्दुल रहमान के सिर पर पत्थर से कई वार करके उसकी हत्या कर दी।
AQIS से जुड़ा था अब्दुल रहमान

संदिग्ध आतंकवादी अब्दुल रहमान अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा था और कुख्यात आतंकवादी अबू सुफियान के संपर्क में था। अपने हैंडलर के निर्देशों और लोकेशन के आधार पर, वह अयोध्या से दिल्ली के लिए ट्रेन में चढ़ा, फिर बदरपुर बॉर्डर के लिए बस में, और फिर पाली गांव पहुंचने के लिए ऑटो-रिक्शा में।

2 मार्च, 2025 को, उसने पाली गांव के बाहर एक टिन शेड में अपने हैंडलर द्वारा दबाए गए दो हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर निकाले, उन्हें अपने बैग में रखा, और अंधेरा होने के बाद अयोध्या लौटने वाला था। ATS गुजरात और हरियाणा STF की एक टीम ने उसका पीछा करके उसे पकड़ लिया।

2 मार्च, 2025 को उसकी गिरफ्तारी के बाद, अब्दुल रहमान के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें कई भड़काऊ वीडियो थे, जिसमें राम मंदिर से जुड़े कई आपत्तिजनक वीडियो भी शामिल थे। पुलिस ने दावा किया कि वह राम मंदिर को उड़ाने की साज़िश के तहत हैंड ग्रेनेड लेने फरीदाबाद आया था। वह 4 मार्च को राम मंदिर में बम फोड़ने की योजना बना रहा था। ऐसा होने से पहले ही अब्दुल रहमान को पकड़ लिया गया।

यह भी पढ़ें: सेल में पत्थर खुद लाया था आतंकी अब्दुल रहमान, नीमका जेल हत्याकांड में क्राइम ब्रांच को मिला नया क्लू
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