सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मथुरा। बरसाना में त्योहारों के दौरान लगने वाले घंटों लंबे जाम से राहत दिलाने के लिए शासन ने 6.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन बइपास को मंजूरी दे दी है।
125.27 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी होने के साथ 43.84 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड द्वारा कराया जाएगा।
बरसाना में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है, जबकि लट्ठमार होली, राधाष्टमी और अन्य प्रमुख आयोजनों पर हजारों-लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इन अवसरों पर नगर की मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और आपात सेवाओं तक को प्रभावित होना पड़ता है। प्रस्तावित बाइपास का उद्देश्य बाहरी ट्रैफिक को नगर सीमा से बाहर ही डायवर्ट करना है, ताकि शहर के भीतर यातायात सुचारू बना रहे।
परियोजना के तहत लगभग 50 करोड़ रुपये से नई फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। मार्ग को आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे भविष्य में यातायात वृद्धि के बावजूद दबाव नियंत्रित रहे।
भूमि अधिग्रहण पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च होंगे और आवश्यक प्रक्रिया चरणबद्ध ढंग से पूरी की जाएगी। यह बाइपास अभी दगरे के रूप में है, जिसे फोरलेन में नया निर्माण किया जाएगा।
परियोजना के पूर्ण होने पर बरसाना में जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण अवधि में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की संभावना है।
बरसाना फोरलेन बाईपास को स्वीकृति मिल चुकी है और धनराशि अवमुक्त करने की जानकारी मिली है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। परियोजना पूरी होने पर नगर में जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी।
-गुलवीर सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि |