पूर्व विधायक हरिओम यादव। फाइल फोटो मुलायम सिंह।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 15 वर्ष पूर्व धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस से अभद्रता, धक्कामुक्की के मामले में पूर्व विधायक समेत 28 आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है। पूर्व विधायक घटना के समय सपा में थे। वर्तमान में भाजपा में है।
मटसेना थाने में 2011 में दर्ज की गई थी प्राथमिकी
शिकोहाबाद में सात मार्च 2011 को तत्कालीन सरकार के विरोध में पूर्व विधायक और मुलायम सिंह यादव के समधी हरिओम यादव के नेतृत्व में सौ से अधिक लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर बस से जिला मुख्यालय दबरई ला रही थी।
पुलिस का कहना था कि इसी दौरान पूर्व विधायक ने बस रुकवाकर पुलिस बल के साथ अभद्रता और हाथापाई की। पुलिस ने इस मामले में हरिओम यादव और अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के बाद विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में किया बरी
मामले की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन/विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए डा. निधि यादव की कोर्ट में हुई। न्यायालय ने पूर्व विधायक हरिओम यादव, अजीम भाई, अनुजेश प्रताप सिंह, प्रदीप कुमार, गणेश कुमार, तेजपाल सिंह, विकास, रजनीश कुमार, फौरन सिंह, दिवस उर्फ दीपा, मनोज कुमार सहित सभी 28 नामजद आरोपितों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। |