search

रिम्स टेंडर विवाद: हाई कोर्ट में 23 मार्च को अगली सुनवाई, सफाई कार्य पर उठे सवाल

Chikheang 3 hour(s) ago views 398
  

रिम्स में टेंडर विवाद पर 23 मार्च को सुनवाई



राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में रिम्स में साफ-सफाई के टेंडर विवाद को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान प्रतिवादी कंपनी की ओर से केस से संबंधित दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की गई। जिसके बाद अदालत मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को निर्धारित की है।

इस संबंध में मेसर्स अन्नपूर्णा यूटिलिटी सर्विस प्रा. लि. की ओर से याचिकादाखिल की गई है। याचिका में गलत तरीके से दूसरी कंपनी को साफ-सफाई का काम दिए जाने का आरोप लगाया है।

प्रार्थी ने दावा किया है वह पिछले दस वर्षों से रिम्स की साफ-सफाई का काम कर रहे हैं, लेकिन अचानक रिम्स प्रशासन ने फरवरी में उनके काम पर रोक लगाते हुए दूसरी कंपनी को कार्यादेश जारी कर दिया है। इस मामले में टेंडर पाने वाली कंपनी की ओर से इससे संबंधित कुछ दस्तावेज रिकार्ड पर लाने के लिए समय की मांग की गई।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह आधारहीन करार देते हुए इसे जनता के बीच भ्रम फैलाने वाला बयान बताया है।  

भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख अब मासूम बच्चों के नाम पर राजनीति कर रही है और राज्य की छवि खराब करने की कोशिश में जुटी है।

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में ही पुलिस ने आपरेशन मुस्कान और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स के जरिए रिकार्ड संख्या में बच्चों को रेस्क्यू कर उनके परिवारों से मिलाया है। भाजपा को 2014 से 2019 के अपने कार्यकाल का रिकार्ड देखना चाहिए, जब झारखंड मानव तस्करी का केंद्र बन गया था
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
163613