अंबेडकर अस्पताल से पांच महीने में तीन बच्चे गायब।
शमसे आलम, बाहरी दिल्ली। रोहिणी स्थित आंबेडकर अस्पताल से पांच महीने में दो नवजात समेत तीन बच्चे गायब हो चुके हैं। इनमें से जच्चा-बच्चा वार्ड से दो नवजात और एक चार वर्षीय बच्चे को अस्पताल से महिलाएं लेकर फरार हो गई थी। इस तरह से घटनाओं को लेकर अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
आखिर वार्ड के अंदर से लेकर बाहर तक सुरक्षाकर्मियों के तैनात होने के बाद भी किस तरह से बच्चों गायब हो रहे हैं। जबकि इस वार्ड में अटेंडेंट का कार्ड दिखे बिना एंट्री भी नहीं मिलती है। फिर भी चोर किस तरह से वार्ड में दाखिल होकर बच्चों को लेकर फरार हो रहे हैं।
मंगलवार को नवजात के अस्पताल के वार्ड से गायब होने के के मामले में पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही बता रहे हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नवजात की मां के साथ आरोपित महिला तीन दिनों से देखी जा रही थी, बच्चे की मां से पूछने पर आरोपित महिला को बहन बताया था। जिसके बाद वह मंगलवार की सुबह बच्चे को चादर में छिपाकर लेकर फरार हो गई।
संतान की चाह में चार वर्षीय बच्चे का अस्पताल से किया अपहरण
संतान की चाह में एक महिला ने आंबेडकर अस्पताल से चार साल के एक बच्चे का 20 अक्टूबर 2025 को अपहरण कर लिया। सीसीटीवी फुटेज में पाया गया कि दो पहर करीब 2:50 बजे एक महिला बच्चे के साथ खेलती दिखी। दोपहर तीन बजे वह बच्चे को लेकर अस्पताल से बाहर निकल गई। दूसरे कैमरे में वह महिला आटो चालकों से बात करती और एक आटो में बैठती दिखी। कुछ ही समय में आटो चालक अब्दुल रहमान का पता लगाया गया, जिसने बताया कि उसने महिला को बच्चे के साथ लिबासपुर में उतारा था।
टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बताए पते पर छापा मारा और महिला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार महिला की पहचान ज्योति उर्फ प्रीति (39) के रूप में हुई थी। आरोपिता ने बताया कि वह अस्थमा के इलाज के लिए अक्सर बीएसए अस्पताल जाती थी। वारदात वाले दिन भी वह अस्पताल गई थी। वहीं उसे यह बच्चा पसंद आ गया और उसने उसे अपने साथ ले जाने का फैसला कर लिया, क्योंकि न तो उसके और न ही उसके भाई के कोई बेटा है।
चार दिन के नवजात को अस्पताल से लेकर फरार हो गई थी महिला
31 दिसंर 2025 को पुलिस को डाली कुमारी ने बताया कि उनका चार दिन का बेटे का रोहिणी के अंबेडकर अस्पताल से अपहरण कर लिया गया है। पुलिस के जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि पीड़िता डाली की मामी सुमन देवी ने डाली से पूजा सोनी उर्फ राधा को बच्चा देने के लिए कहा, जिसने दावा किया कि वह अस्पताल में काम करती है। पूजा सोनी उर्फ राधा ने बच्चे का वज़न करवाने के लिए उसे अपनी कस्टडी में ले लिया। जो अस्पताल से भाग गई। इसके बाद, सुमन देवी को पकड़ा गया जो पहले से ही मौके पर मौजूद थी और उससे पूछताछ की गई।
सुमन देवी ने कबूल किया कि उसने सह-आरोपिता पूजा सोनी के साथ बच्चे को अपहरण करने की योजना बनाई थी, जो अस्पताल की कर्मचारी नहीं थी। जबकि, पूजा देवी ने पहले ही बच्चे को सुमन देवी की 14 साल की बेटी को उसके घर पर सौंप दिया था। इसलिए टीम ने तुरंत सुमन के घर पर छापा मारा और लड़के को सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया।
आरोपिता ने बताया कि सुमन देवी की मां डाली और उसकी मां विभा देवी से कुछ पुरानी दुश्मनी थी ताकि उन्हें सबक सिखाया जा सके। इसलिए, सुमन देवी ने सह-आरोपिता पूजा सोनी के साथ लड़के को किडनैप करने का प्लान बनाया था।
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