मंडी हाउस के समीप सिकंदरा मार्ग पर लगे जाम में रेंगते वाहन। चंद्र प्रकाश मिश्र
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में चल रहे AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन मंगलवार को VVIP मूवमेंट की वजह से ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह से ही कई मुख्य सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और दिन चढ़ने के साथ-साथ ट्रैफिक जाम और भी बदतर होता गया।
देर शाम तक ट्रैफिक कंट्रोल रूम को ट्रैफिक जाम के बारे में 20 से ज़्यादा कॉल आए, जिनमें ज्यादातर शिकायतें नई दिल्ली, सराय काले खां और अक्षरधाम इलाकों से आईं। यह स्थिति तब हुई जब ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें लोगों को भारत मंडपम के आसपास के रास्ते के बजाय दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद, न तो पुलिस ट्रैफिक को ठीक कर पाई और न ही लोगों ने एडवाइजरी पर ध्यान दिया और दूसरे रास्तों का इस्तेमाल किया।
आइटीओ के समीप विकास मार्ग पर लगे जाम में रेंगते वाहन। चंद्र प्रकाश मिश्र
मंगलवार को ट्रैफिक जाम से सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाके NH-24, सराय काले खां, अक्षरधाम, इंडिया गेट सर्कल, मथुरा रोड, ITO, धौला कुआं और रिंग रोड थे। सुबह करीब 10 बजे के बाद ट्रैफिक जाम तेज़ी से बढ़ा और दोपहर तक स्थिति और खराब हो गई। कई जगहों पर गाड़ियां रेंगती हुई दिखीं। जो रास्ता आम तौर पर आधे घंटे का होता है, उसे पूरा करने में लोगों को दो घंटे लग गए। ऑफिस जाने वाले लोग, स्कूल बसें और कमर्शियल गाड़ियां, सभी जाम से परेशान दिखे।
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर आइपी पार्क के पास यातायात जाम में फंसे वाहन। हरीश कुमार
नई दिल्ली जिले में, ट्रैफिक पुलिस के लोग ट्रैफिक को ठीक करने के लिए खुद सड़कों पर उतरे। हालांकि, दूसरे प्रभावित रास्तों पर पुलिस की काफी कमी ने ट्रैफिक की दिक्कतों को और बढ़ा दिया। जाम की वजह से कई जगहों पर एंबुलेंस और इमरजेंसी सर्विस की गाड़ियां भी धीमी स्पीड से चलती दिखीं। पूरे दिन लोगों ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी परेशानियां शेयर कीं।
कई यूजर्स ने प्रशासन से बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट की मांग की और कहा कि एडवाइजरी जारी होने के बावजूद, इसका असर जमीन पर नहीं दिख रहा है। लोगों ने कहा कि दूसरे रास्तों और रियल-टाइम अपडेट के बारे में साफ जानकारी न होने की वजह से वे जाम में फंसे रहे।
गौरतलब है कि ट्रैफिक पुलिस ने समिट शुरू होने से पहले एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें लोगों को कई मुख्य रास्तों से बचने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद, सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम नहीं हुई है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बड़े इवेंट्स के दौरान सिर्फ एडवाइजरी काफ़ी नहीं होती, असरदार ट्रैफ़िक डायवर्जन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ज़्यादा पुलिस फ़ोर्स की तैनाती ज़रूरी है। अभी के लिए, समिट से पहले के दिनों में, लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफ़िक अपडेट चेक करें और जब भी हो सके भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें।
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