एस आई आर मे पीडब्लु डी कर्मचारियों का वेतन रुका विरोध मे पीडी से मिले---जागरण
जागरण संवाददाता, मेरठ। एसआइआर अभियान में बीएलओ तथा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ड्यूटी कर रहे लोक निर्माण विभाग के कुल 40 लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों तथा अभियंताओं का जनवरी महीने का वेतन रोक दिया गया है। इसके विरोध में प्रभावित कर्मचारी मंगलवार को सीडीओ कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्या प्रभारी सीडीओ को बताई।
उन्होंने कहा कि हम बीएलओ की ड्यूटी में रात दिन जुटे हैं। इन हालात में आफिस जाकर ई-आफिस पर काम कैसे करें। ई-आफिस पर काम न करने के कारण ही उनका वेतन रोक दिया गया है। उन्होंने वेतन दिलाने तथा एसआइआर अभियान तक ई-आफिस पर काम की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड, निर्माण खंड व अन्य कार्यालयों के कुल 40 लिपिक तथा सहायक और अवर अभियंताओं को एसआइआर अभियान में तैनात किया गया है। लिपिकों को बीएलओ बनाया गया है जबकि अभियंताओं को एईआरओ बनाकर नोटिसों की सुनवाई का काम दिया गया है।
मंगलवार को बड़ी संख्या में पीडब्ल्यूडी कर्मचारी सीडीओ कार्यालय पहुंचे। वहां वे कार्यवाहक सीडीओ परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण सुनील कुमार सिंह से मिले।
लिखित प्रार्थनापत्र देकर उन्होंने बताया कि एसआइआर अभियान के दौरान वर्तमान में उनके द्वारा मतदाताओं को नोटिस प्राप्त कराने, नोटिस प्राप्त कराते समय मतदाता के साथ बीएलओ एप के माध्यम से पोर्टल पर फोटो खींचकर अपलोड करने, संशोधन के लिए मतदाता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करने, नए मतदाताओं के आवेदन प्राप्त करने समेत तमाम कार्य किए जा रहे हैं।
समयबद्ध कार्यक्रम होने के कारण उन्हें रात दिन दौड़ना पड़ रहा है। वहीं कार्यालय में ई-आफिस पर लागिन करके कार्यालय का काम न करने के कारण उनका सभी 40 लोगों का जनवरी महीने का वेतन रोक दिया गया है। बताया कि एईआरओ के रूप में नोटिसों की सुनवाई कर रहे अभियंताओं का वेतन भी रोका गया है। उन्होंने वेतन भुगतान कराने की मांग की।
कार्यवाहक सीडीओ सुनील कुमार सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्या सीडीओ को अवगत कराकर मदद कराएंगे। उन्होंने कहा कि पूरे महीने में समय निकालकर यदि वे एक दो बार ई-आफिस पर लागिन कर देंगे तो उनका वेतन रुकने की स्थिति नहीं आएगी। शिकायत करने वालों में अमरीश कुमार, चमन कुमार संतोषी, राहुल, जितेंद्र, कुलदीप, गौरव, कुलवंत, विनीत, गुरमीत शामिल रहे। |