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गोरखपुर में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले एक और रोगी ने खोई रोशनी

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तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मोतियाबिंद आपरेशन के बाद गंभीर संक्रमण के शिकार हुए मरीजों की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। रोशनी गंवाने वाले रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सोमवार को एक और रोगी की आंख निकालनी पड़ी। एक फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल जद्दूपट्टी सिकरीगंज में 30 रोगियों का मोतियाबिंद का आपरेशन हुआ था, जिसके बाद 19 रोगी गंभीर संक्रमण के शिकार हो गए। जिसके चलते अब तक 12 रोगियों की आंख निकालनी पड़ी है।  

सोमवार को केशवापार निवासी शहबाज की भी आंख की रोशनी चली गई है, संक्रमण ज्यादा होने के कारण एम्स दिल्ली में उनकी आंख निकाल दी गई। वहीं आंख निकालने के बाद भी इन्नाडीह निवासी अर्जुन की तबीयत गंभीर बनी हुई है। दोनों रोगी एम्स दिल्ली में भर्ती हैं। शहवाज के पुत्र अफरोज अहमद ने बताया कि पिताजी की दाईं आंख का एक फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में मोतियाबिंद का आपरेशन हुआ था। दूसरे दिन से ही तबीयत खराब होने लगी।

आंख में जलन व दर्द होने लगा। गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर के पास एक अस्पताल में दिखाया गया। इसी बीच आंख से खून आने लगा तो चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। चार फरवरी को उन्हें एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया। 11 फरवरी को उनकी आंख निकाल दी गई। पूरा परिवार इस घटना से दुखी है।

इन्नाडीह निवासी विश्वनाथ सिंह ने बताया कि मेरे दो भाई राजेंद्र सिंह व अर्जुन सिंह की आंख का आपरेशन हुआ था। राजेंद्र सिंह ठीक हैं। अर्जुन सिंह एम्स दिल्ली में भर्ती हैं। 13 फरवरी को उनकी आंख निकाल दी गई लेकिन स्थिति अभी गंभीर बनी हुई है। अभी उनकी आंख से मवाद निकल रहा है।  

सीएमओ डा. राजेश झा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। ऑपरेशन थियेटर सील कर दिया गया है। उपकरणों, दवाओं आदि के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रोगियों के बयान लिए जा रहे हैं। अभी एक-दो रोगी ही उपचार कराकर घर लौटे हैं। जैसे-जैसे रोगी घर लौटेंगे, सभी का बयान लेकर उसे जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में मोतियाबिंद सर्जरी के बाद 12 मरीजों की आंखें निकलीं, स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी

इनकी अब तक निकाली जा चुकी है आंख
देवराजी देवी, अर्जुन सिंह, शंकरावती, जयराम, शेखा देवी, दीनानाथ, रामदरश, मीरा देवी, बहाउद्दीन, रणजीत, हसीबुन्निशा, शहबाज।

12 फरवरी को डीएम ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
त्रासदी सिद्ध हुए उपचार की इस घटना पर प्रशासन गंभीर हुआ। गुरुवार को डीएम दीपक मीणा ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच का आदेश देते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी। इसके साथ ही उन्होंने एफआइआर दर्ज कराकर कठोर कार्रवाई करने की बात कही थी। सोमवार तक मामले में कोई एफआइआर दर्ज नहीं हो सकी है।

आदेश के बाद टीम जांच के लिए गई थी, लेकिन अब तक वह डीएम को रिपोर्ट नहीं दे सकी है। इस संबंध में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि जांच चल रही है। एक से दो दिन में रिपोर्ट आ जाने की उम्मीद है। जांच में कहीं भी गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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