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फतेहपुर में ठंडा तेल और खुजली लोशन बनाने वाली कंपनी में जोरदार धमाका, पांच लोग झुलसे

Chikheang 3 hour(s) ago views 535
  

तस्वीर- फाइल।



जागरण संवाददाता, फतेहपुर। डेढ़ करोड़ के आलीशान घर में संचालित किरन फार्मेसी कंपनी शाम करीब चार बजे धमाके की आवाज से गूंज उठी। धमाका इतना तेज था कि छत व दीवारों में दरार आ गई, आसपास के घर थर्रा उठे।

फतेहपुर व बिंदकी की दमकल टीमों ने आग पर काबू पाया और पुलिस व स्थानीय की मदद से गृहस्वामी समेत पांच घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा जहां से इन्हें एलएलआर हास्पिटल कानपुर रेफर किया गया है।

अग्निकांड में लाखों रुपये की दवाएं, गृहस्थी, स्कूटी, अनाज, नकदी, कपड़े आदि जलकर राख हो गया। एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की।

ललौली थाने के बहुआ कस्बा के आजादनगर मोहल्ले में रहने वाले 60 वर्षीय जमील अहमद कुरैशी होम्योपैथिक संचालक हैं। एक दशक से वह किरन फार्मेसी संचालित कर रहे है। जिसे लोग चिकित्सक कहकर बुलाते थे।

यह फार्मेसी ठंडा तेल, खुजली का लोशन, बुखार, खांसी की सिरप व जोड़ों में दर्द के लिए दवाएं बनाती है। सोमवार शाम चार बजे के करीब 14.2 किलो के घरेलू सिलिंडर को भट्ठी में लगाकर दवाइयां बनाई जा रही थी। इसी दौरान सिलिंडर में आग लग गई।

जिस पर दवाखाना संचालक, इनका 25 वर्षीय पुत्र अकील अहमद, पारिवारिक 10 वर्षीय बुशरा खातून पुत्री महबूब अली, 15 वर्षीय हुजैफा व रायबरेली जिले के लालगंज थाने के चिलौला निवासी 15 वर्षीय आबूसाइमा सिलिंडर की आग से झुलस गये।

बताते हैं आग लगने पर यह सब एक दूसरे की आग को बुझाने में जुट गए थे। एलपीजी सिलिंडर गर्म हो जाने पर तेज धमाका के साथ फट गया। जिससे उक्त पांचों लोग झुलस गए।

धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने दमकल टीम को सूचना देकर पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा जहां से घायलों को कानपुर रेफर कर दिया गया।

एसडीएम सदर अनामिका श्रीवास्तव, सदर तहसीलदार अमरेश सिंह, सीओ बृजमोहन राय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसबीर सिंह, इंस्पेक्टर समशेर बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे।

पूछताछ में मोहल्लेवासियों ने अधिकारियों को जानकारी दी कि तेज धमाका होने पर वह अपने धरों से बाहर निकलकर बचाव कार्य में लग गए थे। गृहस्वामी को लोग होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक चिकित्सक कहकर बुलाते थे जो होम्योपैथिक दवा बेचने के साथ ठंडा तेल भी बेचते थे ।
लाइसेंस व दवा ब्रांडनेम की होगी जांच: एसडीएम

किरन फार्मेसी में दवाएं बन रही थी, घर वाले लाइसेंस होने की बात भी बता रहे हैं। चूंकि इस समय घर के अधिकांश लोग झुलस गये हैं इसलिए अभी दस्तावेज नहीं दिखा पाए हैं। लेकिन पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी।

जांच में यह देखा जाएगा कि लाइसेंस कहां से निर्गत था, सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गये थे। अगर फायर सेफ्टी लगी थी तो उसकी जांच नियमित क्यों नहीं कराई गयी है। किस ब्रांड की दवाइया बनाई जा रही थी।
दवा में ज्वलनशील मिलाने की बात, तो बस्ती में कैसे लाइसेंस

स्थानीय लोग बताते हैं कि जो दवाएं डाक्टर द्वारा निर्मित की जा रहीं थी, उसमें कुछ ज्वलनशील पदार्थ भी मिलता था, आखिर घनी आबादी के बीच यह लाइसेंस कैसे जारी हो गया, और यहां सुरक्षा के इंतजाम की जांच क्यों नहीं हुई।

चर्चा रही कि होम्योपैथिक दवाखाना संचालक घर में परिवार के साथ दवा बनाते हैं जो कोई दवा बनाने के लिए रसोई गैस सिलिंडर जलाया होगा...। हालांकि कोई इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसबीर सिंह ने बताया कि आग किन परिस्थितयों में आग लगी है, इसकी जांच की जा रही है और घायलों के कुछ ठीक होने पर एक टीम बयान लेने को कानपुर भेजी जाएगी।
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