राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम की पीठ ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे प्राधिकरण से आरटीआइ के तहत सड़क हादसे में मारे गए व्यक्ति की सूचना मांगने को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। आयोग ने कहा कि किसी अंजान व्यक्ति को सड़क हादसे में मारे गए किसी व्यक्ति के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने का कोई औचित्य नहीं है।
पीठ ने कहा कि यदि भविष्य में मृतक के परिवारजन, विधिक उत्तराधिकारी या विधिवत अधिकृत व्यक्ति आवश्यक अभिलेखों के साथ आवेदन करते हैं, तो उस पर कानून के अनुसार विचार किया जाएगा।
प्रकरण यह है कि लखनऊ के रहने वाले गुड्डू वर्मा की पांच दिसंबर 2022 को आगरा- लखनऊ एक्सप्रेस वे पर सड़क दुर्घटना में मैनपुरी जिले की सीमा में मौत हो गई थी।
नीरज वर्मा द्वारा एक्सप्रेसवे अधिकरण के समक्ष सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन प्रस्तुत करते हुए दुर्घटना में शामिल वाहन का विवरण, थाना करहल जिला मैनपुरी में दर्ज एफआरआर का विवरण और विभाग द्वारा इस दुर्घटना से जुड़े सभी अभिलेखों की प्रमाणित कापी चाही गई थी।
सूचना न मिलने पर नीरज वर्मा ने राज्य सूचना आयोग में अपील प्रस्तुत की जहां मोहम्मद नदीम की पीठ ने आदेश में लिखा कि आवेदक मृतक का न तो परिवारजन है, न विधिक उत्तराधिकारी और न ही किसी प्रकार से अधिकृत प्रतिनिधि।
सड़क दुर्घटना और उससे जुड़े अभिलेख मृत व्यक्ति से संबंधित व्यक्तिगत और संवेदनशील सूचना हैं, जो सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित है। ऐसी सूचना परिवारजन की सहमति या सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना प्रदान नहीं की जा सकती।
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