कांगड़ा में मिड डे मील वर्कर की हत्या के 5 दिन बाद खुला स्कूल
संवाद सूत्र, डाडासीबा (कांगड़ा)। कांगड़ा जिले के डाडासीबा में मिड डे मील वर्कर सुलोचना देवी की हत्या के बाद सोमवार को राजकीय प्राथमिक पाठशाला चनौर को दोबारा खोला गया। लेकिन माहौल अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। 12 फरवरी को हुई हत्या ने नौनिहालों के मन में दहशत पैदा कर दी है।
सोमवार को कुल 87 विद्यार्थियों में से केवल 10 ही पाठशाला पहुंचे। स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा व अन्य कारणों को देखते हुए प्राथमिक पाठशाला के बच्चों को पास ही स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल चनौर में शिफ्ट कर दिया है। यहां बच्चों के लिए एक अलग कमरा उपलब्ध करवाया है। बच्चे पढ़ाई तो कर रहे हैं, लेकिन उनके चेहरों पर अब भी डर साफ झलक रहा है।
सीनियर सेकेंडरी स्कूल चनौर के प्रधानाचार्य विजय कुमार ने बताया कि प्राइमरी स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया है। अब स्कूल परिसर में प्रवेश केवल एक निर्धारित गेट से ही होगा। सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करते हुए गेट पर चौकीदार भी तैनात किया है। प्राथमिक पाठशाला चनौर की मुख्य अध्यापिका सरिता ने बताया कि सोमवार को 10 ही बच्चे स्कूल पहुंचे थे और उनकी पढ़ाई सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कमरे में करवाई।
उन्होंने बताया कि अभिभावकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उम्मीद जताई कि बाकी बच्चे भी जल्द स्कूल आना शुरू कर देंगे। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को मानसिक रूप से सामान्य करना है। शिक्षकों द्वारा बच्चों को सांत्वना दी जा रही है और अभिभावकों के साथ लगातार संवाद बनाया जा रहा है। वहीं, मिड डे मील वर्कर की हत्या का आरोपी पांच दिन की पुलिस रिमांड पर है।
क्या है पूरा मामला?
प्राथमिक पाठशाला चनौर में 12 फरवरी को विद्यार्थियों के सामने ही एक व्यक्ति ने मिड डे वर्कर सुलोचना देवी की दराट के वार से हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया था और अब वह पुलिस रिमांड पर है। हत्या का कारण सुलोचना देवी के बेटे व आरोपित के बीच पैसों का लेन-देन था। |
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