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पति ने गर्भवती पत्नी और बच्चे की हत्या की। सांकेतिक फोटो
सुरेश सहारण, हिसार। शहर के सेक्टर-33 में रहने वाले और सीए अंशुल धवन ने अपनी 28 साल की पत्नी महक और गर्भ में पल रहे बच्चे को मारने से पहले पूरा ड्रामा रचा। वारदात से पहले ही उसने अपने जहन में पूरी योजना बना ली थी। किसी को उस पर शक न हो इसलिए वह वैलेंटाइन-डे से पहले शुक्रवार को अपनी गर्भवती पत्नी के साथ गुरुग्राम से अपने घर आया था।
वैलेंटाइन-डे वाले दिन पत्नी के साथ दिनभर शहर में घुमा था और वैलेंटाइन-डे सेलिब्रेट किया। रविवार सुबह उसने अपनी गर्भवती पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया था। सोमवार को महक को गुरुग्राम में बैंक में नौकरी पर जाना था तो वह उसे लेकर शाम पांच बजे कार में सवार होकर घर से निकला। उनके माता-पिता, बहन, भाभी और बुआ को किसी प्रकार का कोई शक नहीं हुआ कि वह रविवार रात को एक जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला है।
आखिरी बार महक को उसके स्वजन से मिलवाया
अंशुल गुरुग्राम से पहले महक को लेकर हांसी में उसके घर गया। तिनोका पार्क के पास सेठी चौक के नजदीक वह करीब 15 मिनट तक अपनी ससुराल में रुका। इस दौरान महक ने अपने स्वजन से बातचीत की। उस समय भी किसी को कोई शक नहीं हुआ। फिर दोनों कार में सवार होकर गुरुग्राम के लिए निकले। जब वे झज्जर के गांव पाहसोर के पास इंडोस्पेक कंपनी के नजदीक पहुंचे तो अंशुल ने अपनी पत्नी की बेरहमी से गला रेत कर हत्या कर दी।
पत्नी पर करता था शक
जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया उससे पुलिस को लग रहा है कि अंशुल अपनी पत्नी महक पर शक करता था। उसके दिल में अपनी पत्नी के खिलाफ नफरत थी। तभी तो उसने पहले अपनी पत्नी का गला दबाया। फिर उसे कार से उतार कर सड़क किनारे सूखे रजवाहे में ले गया।
वहां पर बेरहमी से गला रेत कर उसकी हत्या कर दी। किसी को शक न हो इसलिए उसने खुद के सिर पर भी चोट मारी। वहां से गुजर रहे राहगीरों को अंशुल कार के अंदर अर्धबेहोशी की हालत में मिला था।
स्वजन बोले- किसी ने कुछ सूघां कर दिया वारदात को दिया अंजाम
सेक्टर 33 में रहने वाले अंशुल की बड़ी बहन सुनैना ने बताया कि 25 सितंबर 2025 को भाई की शादी महक के साथ हुई थी। शादी के बाद से दोनों खुशी से अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। दोनों के बीच किसी बात को लेकर कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ।
15 दिन में दोनों गुरुग्राम से घर आते थे। महक गुरुग्राम में एक निजी बैंक में काम करती थी और अंशुल सीए का घर से ही बैठकर काम कर रहा था। दोनों ने वैलेंटाइन-डे भी साथ मनाया था।
अंशुल अपनी पत्नी की हत्या करने जैसी वारदात को अंजाम नहीं दे सकता। रविवार रात करीब दस बजे किसी अनजान व्यक्ति का फोन आया था और उसने बताया कि अंशुल कार में बेसुध हालत में है। इनके अलावा कार में और कोई नहीं है। पता चलने पर स्वजन रात को ही मौके पर पहुंच गए थे। |
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