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जागरण संवाददाता,मुजफ्फरपुर । बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में अब रिजल्ट पेंडिंग को दूर करने के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय का चक्कर नहीं लगाना होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से नई व्यवस्था लागू की गई है।
अब विद्यार्थी रिजल्ट पेंडिंग को दूर करने के लिए आवश्यक दस्तावेज की पीडीएफ कापी विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। साथ ही विद्यार्थी को पीडीएफ में ही अपना लिखित आवेदन अपलोड करना होगा। इसमें उन्हें मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करना होगा।
यह सुविधा विश्वविद्यालय की ओर से छात्र-छात्राओं के लिए लागू की गई है। इसके लिए उन्हें विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर जाकर सर्विसेज कालम को खोलकर सबसे बायीं तरफ जाकर ग्रीवांस का विकल्प खोलना होगा।
इसमें छात्र अपना नाम, कालेज का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल समेत अन्य जानकारी अपलोड करेंगे। इसके बाद छात्र को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करते ही विभिन्न दस्तावेज विद्यार्थी अपलोड कर सकेंगे।
इसके बाद समस्या से जुड़ा आवेदन और दस्तावेज विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को प्राप्त हो जाएगा। यह नई व्यवस्था हाल ही में विश्वविद्यालय की ओर से लागू की गई है।
पहले आनलाइन ग्रीवांस एप्लीकेशन फार्म का विकल्प छात्र-छात्राओं को मिलता था लेकिन उसमें दस्तावेज अपलोड करने का विकल्प नहीं था। यह नई सुविधा पहली बार विश्वविद्यालय की ओर से जोड़ी गई है।
परीक्षा नियंत्रक डा. राम कुमार ने बताया कि रिजल्ट पेंडिंग की समस्या से लेकर अन्य किसी भी समस्या के लिए अब विश्वविद्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है।
अब विद्यार्थी पेंडिंग रिजल्ट में सुधार के लिए दस्तावेज को पीडीएफ फार्मेट में वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। रिकार्ड परीक्षा विभाग को प्राप्त हो जाएगा। इस आधार पर कम से कम 15 दिन और अधिकतम 20 दिनों में रिजल्ट में सुधार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि डाक्युमेंट अपलोड करने की नई व्यवस्था लागू की गई है। |
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