भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के लिए सड़क किनारे दीवारों को पेटिंग से सजाया गया। हरीश कुमार
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एआई समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के आने से दिल्ली के साथ ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे आस-पास के पर्यटन राज्यों में पर्यटन गतिविधियों में तेजी की उम्मीद है। टूर ट्रैवेल्स व होटल्स संगठनों के अनुसार, एआई समिट के चलते दिल्ली समेत अन्य राज्यों में पर्यटन गतिविधियों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया है।
बाहर से आ रहे प्रतिनिधि भी उत्सुक
विशेष बात कि राजस्थान के जयपुर, उत्तराखंड के ऋषिकेश व उत्तर प्रदेश के आगरा के साथ ही अयोध्या में भव्य रामलला का मंदिर भी पर्यटकों के पसंदीदा पर्यटन स्थल में शामिल है। इंडिजनस फेडरेशन टूरिजम एट्रीग्रिटी के संस्थापक शैलेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, रामलला के दर्शन को न सिर्फ हिंदू बल्कि बाहर से आ रहे प्रतिनिधि भी उत्सुक हैं और उसे लेकर पूछताछ और बुकिंग बढ़ी है। उनके अनुसार, लोग मंदिर के वास्तुशिल्प, भव्यता को देखने के साथ सनातन संस्कृति को समझना चाहते हैं।
पर्यटन उद्योग के लिए बढ़िया मौका
फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इंडियन टूरिज्म एंड हाॅस्पिटालिटी के महासचिव राजीव मेहरा कहते हैं कि एआई समिट से देश के पर्यटन उद्योग को बड़ी उम्मीद है। विश्वभर से लोग दिल्ली आ ही रहे हैं। साथ ही वह आस-पास भ्रमण कर भारत को समझने की कोशिश में हैं। राजीव मेहरा के अनुसार, यह देश के पर्यटन उद्योग के लिए बढ़िया मौका है। विदेशियों में सबसे अधिक मांग ताजमहल की रहती है।
आस-पास के राज्यों में जाना शामिल
यह समिट 20 फरवरी तक चलेगा जबकि विदेश से आने वाले प्रतिनिधि 10 से 15 दिनों की योजना बनाकर आ रहे हैं। जिसमें समिट में शामिल होने के साथ कुछ दिन भ्रमण भी है। उसमें दिल्ली के विभिन्न पर्यटक स्थलों में जाने के साथ आस-पास के राज्यों में जाना शामिल है।
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