इकाना स्टेडियम में दोहरा शतक पूरा करने के बाद दर्शकों का अभिवादन करते देवदत्त पडिक्कल
जागरण संवाददाता, लखनऊ। भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने रणजी ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में धमाका कर दिया है। उन्होंने उत्तराखंड के खिलाफ प्रथम श्रेणी करियर का पहला दोहरा शतक ठोक दिया।
अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में पडिक्कल के दोहरे शतक और रविचंद्रन स्मरण (नाबाद 121) की धमाकेदार पारी की बदौलत कर्नाटक ने दूसरे दिन यानी सोमवार का खेल खत्म होने तक छह विकेट पर 689 रनों का विशाल स्कोर बनाकर मैच पर अपनी मजबूत पकड़ हासिल कर ली है।
यहां से उत्तराखंड की वापसी की डगर बेहद कठिन होगी। कप्तान ने पारी में 330 गेंदों का सामना किया और 29 चौकों व तीन छक्कों की मदद से 232 रन बनाए। पडिक्कल ने इस जबर्दस्त पारी की बदौलत टीम इंडिया के लिए भी दावेदारी पेश कर दी है। इसके पहले रविवार को केएल राहुल ने 141 रनों की पारी खेलकर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।
उत्तराखंड की लचर गेंदबाजी
कर्नाटक के खिलाफ अब तक उत्तराखंड की गेंदबाजी काफी लचर रही है। टीम को क्वार्टर फाइनल में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाली गेंदबाजी इस अहम मुकाबले में पटरी से उतर गई है। अनुशासित गेंदबाजी और विकेट लेने की क्षमता के अभाव में उत्तराखंड के गेंदबाज कर्नाटक के शीर्ष क्रम को रोकने में पूरी तरह विफल रहे।
बेशक इकाना की पिच बल्लेबाजों के लिए अधिक मददगार है, लेकिन उत्तराखंड के गेंदबाजों को यह स्वीकार करना होगा कि उनकी ढीली लाइन-लेंथ से गेंदबाजी का फायदा कर्नाटक के मजबूत बल्लेबाजी क्रम ने उठाया। अपने पहले दिन के स्कोर दो विकेट पर 355 रन से आगे खेलते हुए कर्नाटक ने उसी लय को कायम रखा।
पडिक्कल-स्मरण ने किया धमाका
पडिक्कल और करुण नायर (60 रन) ने तीसरे विकेट के लिए 129 रन जोड़े। उत्तराखंड को पहली सफलता अभय नेगी ने दिलाई। नेगी ने नायर को विकेट के पीछे कैच आउट कर टीम को थोड़ी राहत दी। इसी बीच पडिक्कल ने 288 गेंदों पर अपना दोहरा शतक पूरा किया। उन्होंने स्मरण के साथ 59 रन जोड़े और रायचंदानी की गेंद पर विकेटकीपर को आसान कैच थमा बैठे।
पडिक्कल अब तक 52 मैचों की 88 पारी में 40.77 की औसत से 3384 रन जोड़ चुके हैं, जिसमें 13 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, श्रेयस गोपाल (00) रावत की सीधी गेंद पर बोल्ड हो गए। हालांकि, इन दोनों विकेट के गिरने से भी कर्नाटक की पारी पर कोई असर नहीं पड़ा। क्योंकि दूसरे छोर पर रविचंद्रन स्मरण की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी जारी रही।
कर्नाटक का विशाल स्कोर
स्मरण ने विकेटकीपर कृतिक कृष्णा के साथ पांचवें विकेट के लिए शानदार 123 रनों की साझेदार कर टीम का स्कोर 600 रनों के पार पहुंचाया।
फिरकी गेंदबाज अवनीश सुधा ने कृष्णा को पवेलियन भेजकर साझेदारी को तो तोड़ा, लेकिन इसके बाद विद्याधर पाटिल (नाबाद 35) ने स्मरण के साथ सातवें विकेट के लिए अविजित 81 रन जोड़कर कर्नाटक का कोई और विकेट नहीं गिरने दिया।
कृष्णा ने अपनी उम्दा पारी में 103 गेंदों का सामना किया और छब चौके व एक छक्का जड़ा, जबकि रविचंद्रन स्मरण अपनी नाबाद पारी में 191 गेंद में 11 चौके लगा चुके हैं। आदित्य रावत ने तीन विकेट हासिल किए।
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