जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। जिले में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत स्थानीय उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं।
वर्ष 2025-26 के लिए मुरादाबाद में इस योजना के अंतर्गत 255 लाभार्थियों का भौतिक लक्ष्य और 76,500 लाख रुपये का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला उद्योग विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, योजना के तहत अब तक 64 लोगों ने ऋण के लिए आवेदन किया था। इनमें से 39 आवेदकों को योजना का लाभ मिल चुका है।
दिसंबर 2025 तक बैंकों को 39 ऋण प्रस्ताव भेजे गए, जिन्हें सभी को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके परिणामस्वरूप 39 लाभार्थियों को कुल 515.18 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि उद्योग विभाग, जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र और उद्यान विकास केंद्र के समन्वय से योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इन विभागों के माध्यम से उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिल सके।
ओडीओपी योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन करना और युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। मुरादाबाद में विशेष रूप से पीतल उद्योग, हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादों से जुड़े कारीगरों को इस योजना से लाभ मिल रहा है।
हालांकि, बैठक में यह भी सामने आया कि जनपद में मूल्य ई-निगरानी और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) से जुड़ी योजनाएं फिलहाल लागू नहीं हैं। इससे उपभोक्ता हितों की निगरानी और उत्पादों की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ रहा है।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इन योजनाओं को भी लागू किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सके। एक जनपद–एक उत्पाद योजना मुरादाबाद के छोटे उद्यमियों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है।
यदि लक्ष्य के अनुरूप कार्य होता रहा, तो आने वाले वर्षों में यह योजना जिले की आर्थिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। संयुक्त आयुक्त उद्योग योगेश कुमार का कहना है कि हमारा लक्ष्य से अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिलाना है। सरकार भी यही चाहती है। इसलिए अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ देने के लिए आवेदन करें। |