मृतक डीजे ऑपरेटर महताब उर्फ छोटू। जागरण
संवाद सूत्र,गजपुर (गोरखपुर)। शादी समारोह में पूर्व प्रधान के बेटे ने हर्ष फायरिंग की थी। सीसी कैमरा फुटेज व बरातियों से पूछताछ में पहचान होने के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर गगहा थाना पुलिस ने रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के कब्जे से घटना में इस्तेमाल पिस्टल बरामद कर ली गई है।
पुलिस के अनुसार घटना पांडेयपार स्थित मैरिज हाल के पास हुई। बरातियों में शामिल पूर्व प्रधान का बेटा आदर्श उर्फ पंकज गुप्ता डीजे की धुन पर डांस करते समय पिस्टल निकालकर फायरिंग कर रहा था। जिसमें एक गोली गोला के गोशाला गांव में रहने वाले डीजे ऑपरेटर महताब उर्फ छोटू (18) के आंख और कान के बीच जा लगी। अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई और कई बाराती मौके से लौट गए। पुलिस ने सीसी कैमरा फुटेज, बरात में शामिल लोगों के बयान और वीडियो क्लिप के आधार पर आरोपित की पहचान की। रविवार को महताब के पिता इस्लाम ने आरोपित पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि शादी-विवाह में काम करके बेटा परिवार का भरण-पोषण करता था। उसे उसके नाना-नानी ने गोद लिया था।
नानी फातमा दोनों पैरों से दिव्यांग हैं और नाना वृद्ध हैं। छोटू ही उनके बुढ़ापे का सहारा था। उसकी मौत से परिवार पर गहरा संकट आ गया है। आरोपित आदर्श उर्फ पंकज गुप्ता के पिता हरिगोविंद गुप्ता सोनाईं ग्राम पंचायत के प्रधान रह चुके थे।
मार्च 2023 में सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद हुए उपचुनाव में आरोपित की मां चुनाव हार गई थीं। एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि आरोपित से पूछताछ चल रही है।
डीजे मालिक ने तीन दिन पहले टिकट भेजकर मुंबई से बुलाया था
हर्ष फायरिंग ने न सिर्फ एक युवक की जान ली, बल्कि दो बुजुर्गों का सहारा छीन लिया। नगर पंचायत के गौशाला मोहल्ले में शनिवार की रात के बाद से सन्नाटा पसरा है। गोद लेने वाले नाना व नानी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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65 वर्षीय इस्लाम और उनकी पत्नी फातिमा का कोई बेटा नहीं था। फातिमा दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। बुढ़ापे में सहारे की चिंता में उन्होंने संतकबीरनगर जिले के घनघटा स्थित बकौलीकला गांव में रहने वाली बड़ी बेटी आसिया खातून के तीन बेटों में मझले महताब को गोद लिया था। महताब के पढ़ाई से लेकर हर जरूरत का पूरा ख्याल रखा। बड़ा होने के बाद उसने घर की जिम्मेदारियां अपने कंधों पर ले लीं।
दिन में आटो रिक्शा चलाता और रात में मोहल्ले के दिल्लू बैंड में डीजे आपरेटर का काम करने लगा। अक्टूबर में काम कम मिलने लगा तो वह रोजगार तलाश में मुंबई चला गया। अभी वहां ठीक से काम शुरू भी नहीं कर पाया था कि बैंड मालिक ने डीजे आपरेटर की जरूरत बताकर टिकट भेजकर तीन दिन पहले घर बुला लिया।शनिवार को दिनभर आटो चलाने के बाद रात में कौड़ीराम स्थित एक मैरिज हाल में डीजे बजाने गया। |
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