संक्रमण काल में खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान जरूरी
जागरण संवाददाता, पटना। मौसम में बदलाव के साथ ही बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। तापमान में उतार-चढ़ाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ती है। सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार और एलर्जी तेजी से फैलते हैं।
मार्च की शुरुआत में गर्मी का असर भी दिखने लगता है। ऐसे संक्रमण काल में खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान जरूरी है।
बुखार के बाद कमजोरी, ऐसे करें रिकवरी
तेज बुखार के बाद शरीर में थकान और हल्की खांसी बनी रह सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह सामान्य प्रक्रिया है। पौष्टिक आहार और पर्याप्त आराम जरूरी है। फल, हरी सब्जियां और मल्टीविटामिन लाभकारी हैं।
फेफड़ों की मजबूती के लिए योग और प्राणायाम करें। धीरे-धीरे शरीर सामान्य स्थिति में लौट आता है।
शुगर-बीपी मरीजों के लिए खास सलाह
डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। खाने के तुरंत बाद पानी पीने से बचें। भोजन के बाद हल्की सैर पाचन में मदद करती है। कब्ज से बचाव के लिए फाइबर युक्त आहार लें। नियमित दवा और जांच बेहद जरूरी है। अनियमित दिनचर्या से समस्या बढ़ सकती है।
गैस और पेट दर्द को हल्के में न लें
बार-बार गैस या पेट दर्द संकेत हो सकता है। अनियंत्रित शुगर से आंतों की गति प्रभावित होती है। हरी सब्जियां और हल्का भोजन फायदेमंद है। तला-भूना और मसालेदार खाना कम करें।
भोजन अच्छी तरह चबाकर खाएं। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से सलाह लें।
फैटी लिवर में संयम ही इलाज
फैटी लिवर के शुरुआती चरण में खान-पान से सुधार संभव है। ग्रेड-टू में व्यायाम और वजन नियंत्रण जरूरी है। गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ जांच की जरूरत पड़ सकती है।
समय पर उपचार से जटिलताओं से बचाव होता है।
शराब और जंक फूड से दूरी रखें। नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहें।
बदलते मौसम में ये सावधानियां अपनाएं
- विटामिन-सी युक्त फल जैसे संतरा और आंवला खाएं।
- गुनगुना पानी और हर्बल चाय का सेवन करें।
- सुबह-शाम हल्की ठंड में गर्म कपड़े पहनें।
- बाहर से आने पर हाथ-मुंह जरूर धोएं।
- स्वच्छ पानी और ताजा भोजन का उपयोग करें।
- सतर्कता ही स्वस्थ रहने की कुंजी है।
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