सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की तलाश में जुटी पुलिस व एलआईयू ने 2719 संदिग्धों का घर-घर जाकर सत्यापन किया। सत्यापन में किसी के भी बांग्लादेशी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
सत्यापन के दायरे में नगर निगम के 2200 आउटसोर्स कर्मचारियों के अलावा झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले 519 लोगों को शामिल किया गया था। चार संदिग्धों के बारे में स्पष्ट जानकारी न मिलने पर इनका दोबारा से सत्यापन किया जाएगा।
नगर निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों सहित 2719 का हुआ सत्यापन
शासन के निर्देश पर कमिश्नरेट में बांग्लादेशियों की तलाश की जा रही है। पुलिस व एलआईयू ने नगर निगम में तैनात 2200 आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ ही शिक्षा भवन के पास, पचकुइयां कब्रिस्तान के पास, बिजली घर सहित अन्य स्थानों झुग्गी झोपड़ी डालकर रह रहे 519 संदिग्धों की जांच शुरू की थी। उक्त लोग दिल्ली, बिहार, राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश के फैजाबाद, बाराबंकी, लखनऊ, सुल्तानपुर, अमेठी, लखनऊ, इटावा के रहने वाले हैं।
310 संदिग्धों की जांच एलआईयू व पुलिस ने स्वयं मूल पते पर की
स्थानीय स्तर पर सत्यापन के बाद एलआईयू की ओर से उनके मूल पते पर जांच संबंधित जिले की एलआईयू से कराई। दिल्ली, बिहार, राजस्थान के मूल निवासी 310 संदिग्धों के मूल पते में आगरा से एलआईयू और पुलिस टीम ने पहुंचकर जांच की।
जांच में किसी के भी बांग्लादेशी होने की पुष्टि नहीं हुई है। फैजाबाद के चार लोग ऐसे मिले हैं, जिनके मूल पते की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में एलआईयू की ओर से इनका दोबारा से सत्यापन किया जाएगा।
इस तरह की जांच
एलआईयू और पुलिस टीम ने संबंधित व्यक्ति के आधारकार्ड, पैनकार्ड, वोटरकार्ड के साथ ही राशन कार्ड का सत्यापन किया। जांच में पाया कि कुछ लोग मूलरूप से आगरा के रहने वाले नहीं हैं। वह दूसरे जिलों और प्रदेश के आगरा में बस गए हैं। इसके बाद संबंधित जिले की एलआईयू ने मूल पते पर जाकर दस्तावेजों की जांच की। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की। जिनके बारे में संबंधित जिले की एलआईयू से जानकारी नहीं मिली, वहां पर एलआईयू व पुलिस की संयुक्त टीम ने आगरा से पहुंचकर जांच की। |