पैसेंजर ट्रेन की बोगियों से निकलता धुआं देखते प्लेटफार्म पर खड़े यात्री। (जागरण)
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जंक्शन पर सुरक्षा को लेकर भारी लापरवाही बरती जा रही। निर्माण कार्य के दौरान रेल पटरियों के बीच से बिजली का तार ले जाकर कार्य किया जा रहा है।
तारों को सुरक्षित तरीके से नहीं ले जाने से शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे रविवार को मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज 63341 पैसेंजर ट्रेन बर्निंग होने से बच गई।
शॉर्ट सर्किट से तार जलने लगा और पैंसेजर ट्रेन के नीचे से चिंगारी के साथ धुआं उठने लगी। यात्रियों को लगा कि ट्रेन में आग लग गई। देखते ही देखते इंजन समेत सभी बोगियों में धुआं भर गया। इससे अफरातफरी मच गई।
ट्रेन में बैठे यात्री उतरकर बाहर भागे। लोको पायलट व सहायक लोको पायलट ने कंट्रोल के साथ बिजली विभाग, स्टेशन प्रबंधक, आरपीएफ व जीआरपी को सूचना देकर लाइन कटवाई।
धुआं पर पाया गया काबू
इंजन के नीचे उतरकर देखा तो शॉर्ट सर्किट मिला। इंजन में रखे दो अग्निशमन यंत्र से आग व धुआं पर काबू पाया गया।
बताते हैं कि दोपहर सवा 12 बजे मुजफ्फरपुर से नरकटियागंज के लिए खुलने वाली 63341 पैसेंजर ट्रेन सात नंबर प्लेटफार्म पर आकर लगी। इस बीच शॉर्ट सर्किट हो गया।
निर्माण के लिए एक नंबर प्लेटफार्म की तरफ से बिजली का तार सात नंबर रेल पटरी के बीच से गुजरते हुए सात-आठ नंबर प्लेटफार्म के किनारे से निर्माण वाली जगह पर ले जाया गया है। इसमें बीच में शॉर्ट सर्किट हो गया।
डीआरएम समस्तीपुर ज्योति प्रकाश मिश्रा के आदेश पर घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर मंडल प्रबंधक को भेजी गई, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने का आदेश दिया है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। |
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