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जनकपुरी हादसे जान गंवाने वाने युवा कमल ध्यानी के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए स्वजनों व साथियों ने जोगेंदर सिंह मार्ग पर धरना दिया। जागरण
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। जनकपुरी के जोगिंदर सिंह मार्ग पर हुए दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले कमल ध्यानी के स्वजनों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। जल बोर्ड की लापरवाही और प्रशासन की ढुलमुल कार्रवाई का आरोप लगाते हुए रविवार सुबह से पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने मोर्चा खोल दिया।
कमल के पिता नरेश ध्यानी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने भारती काॅलेज के पास एकत्र होकर एक श्रद्धांजलि रैली निकाली, जो बाद में घटना स्थल पर धरने में तब्दील हो गई।
कमल की मौके पर ही मौत हो गई
गौरतलब है कि 5 फरवरी की रात रोहिणी से अपने घर कैलाशपुरी लौट रहे कमल ध्यानी की बाइक जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गहरे गड्ढे में गिर गई थी। सड़क के बीचों-बीच किए गए इस गड्ढे के पास न तो कोई सुरक्षा बैरिकेड था और न ही रात के समय कोई चेतावनी लाइट। इस प्रशासनिक अनदेखी के कारण कमल की मौके पर ही मौत हो गई।
अब भी सलाखों के पीछे नहीं
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस और विभाग ने केवल खानापूर्ति की है। हालांकि मामले में गड्ढा खोदने वाले सब-कान्ट्रैक्टर और उसके एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन मुख्य जिम्मेदार कंपनी केके स्पन इंडिया लिमिटेड के उच्चाधिकारियों पर शिकंजा नहीं कसा गया है। केवल निचले स्तर के कर्मियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। असली दोषी, जिन्होंने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, वे अब भी सलाखों के पीछे नहीं हैं।
सरकारी नौकरी की मांग की जाएगी
यह धरना प्रदर्शन शाम तक चलता रहा बाद में पुलिस अधिकारी द्वारा समझाने स्वजनों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद वे धरना स्थल से वापस चले गए। इस दौरान स्वजनों ने स्पष्ट किया है कि वे इस कानूनी लड़ाई को थमने नहीं देंगे। जल्द ही दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की जाएगी, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, उचित मुआवजे और परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग की जाएगी।
प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा
इधर श्रद्धांजलि रैली और प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पूरे रैली मार्ग पर पुलिस द्वारा सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
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