राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में सत्तासीन होने के लिए पीडीए का प्रभाव बढ़ाने में जुटी सपा ने रविवार को मायावती सरकार में कद्दावर नेता रहे नसीमुद्दीन सिद्दकी के हाथ में साइकिल थमा दी। उनकी ज्वाइनिंग को जहां दिग्गज सपाई नेता आजम खान के राजनीतिक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, अखिलेश ने अपना दल एस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व प्रतापगढ़ से विधायक रहे राजकुमार पाल, पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू, देवरिया के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, पहली ड्रोन दीदी इटावा की रंजना पाल समेत कई अन्य के जरिए पीडीए के तंबू को मजबूत करने का प्रयास किया है।
1988 से बांदा से राजनीतिक करियर शुरू कर चार बार मंत्री रहने एवं नौ साल कांग्रेस में काम करने वाले नसीमुद्दीन सिद्दकी ने अखिलेश की तरफ से एक शेर कहा कि ‘हयात लेके चलो, कायनात लेके चलो, चलो तो सारे जमाने को साथ लेके चलो’। सिद्द्की ने कहा कि मैं किसी पद की लालसा में सपा में नहीं आया, बल्कि अखिलेश के बड़े मन और पीडीएस के बड़े विचार ने मुझे प्रेरित किया। मेरा परिवार भी पार्टी ज्वाइन कर रहा है।
योगी सरकार पर कसा तंज
पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस दौरान योगी सरकार पर जमकर तंज किया। कहा कि अब जेनजी सीएम का फुल फार्म ‘करप्ट माउथ’ बता रही है। मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना कहा ‘जब बोला, बुरा बोला’। कहा कि उन्हें अब दिल्ली की हवा खराब लगने लगी है। सही तो ये है कि कि ‘लखनऊ और दिल्ली दोनों की हवा खराब है, और दोनों में हवा खराब है।’
वहीं, 2007 से 2012 तक मायावती सरकार में मजबूत कद रखने वाले नसीमुद्दीन सिद्दकी कहा कि मैं किसी दल में रहा, लेकिन मेरे नेता अखिलेश ही रहे। अखिलेश यादव ने कहा ‘मुख्यमंत्री बिष्ट खिलाड़ी तो हैं लेकिन खेल नहीं पा रहे। सरकार में क्या खेल चल रहा, ये भी जानना चाहिए’। ये शंकराचार्य को भी अपमानित कर रहे हैं, जबकि वो शंका से परे होते हैं। जबकि हमारे धर्म में गेरुआ और पीतांबर धारण करने वाला हर व्यक्ति सम्मान पाता है।
इससे बड़ा नहीं हो सकता अपमान
काशी और सनातन धर्म की अभूतपूर्व सेवा करने वाली अहिल्याबाई होल्कर का इनसे ज्यादा अपमान कोई नहीं कर सकता। ज्वाइनिंग के दौरान महाशिवरात्रि के दिन सपाइयों ने अखिलेश यादव को अहिल्याबाई होल्कर का भी फोटो भेंट किया, जिसके बड़े मायने हैं। सीएम ने विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे का अपमान किया।
अखिलेश ने पूछा कि ‘हाल में 370 किलो गांजा पकड़ा गया। फिल्म की तर्ज पर माडीफाइड ट्रक का प्रयोग किया गया। जानना ये जरूरी है कि ये जाता कहां है’। एक आइएएस अधिकारी को रिश्वतखोरी के आरोप से राहत मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल खड़ा किया।
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कहा कि वो कोर्ट के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे लेकिन अब ये होना चाहिए कि ‘ईमानदार आइएएस’ को फंसाने वाले उद्योगपति को जेल में डालना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए अखिलेश ने इटावा में बने केदारेश्वर मंदिर का एक भजन बजवाया। |