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ASD वोटर्स के लिए खुशखबरी, मतदाता सूची में नाम जोड़वाने के लिए भर सकेंगे फार्म-6

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प्रयागराज मतदाता सूची में नाम जोड़वाने के लिए एएसडी वोटर्स फार्म-6 भर सकते हैं।



जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के तहत एएसडी (अबसेंट, शिफ्टेड, डेथ व डुप्लीकेट) श्रेणी के वोटर्स भी फार्म संख्या छह (नए मतदाता बनने का आवेदन) भर सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची में सही व्यक्ति का नाम छूटने न पाए और गलत का नाम जुड़ने न पाए, इसको लेकर विशेष अभियान चलाएं। इसके साथ ही आयोग ने जेंडर रेशियो पर भी अधिक जोर देने के निर्देश दिए हैं।
11.56 लाख के नाम मतदाता सूची से कटे

एसआइआर अभियान के पहले जनपद में 46 लाख 92 हजार मतदाता थे। अभियान के दौरान एएसडी (अबसेंट, शिफ्टेड, डेथ व डुप्लीकेट) वोटर्स के तौर पर 11.56 लाख के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। भाजपा के कब्जे वाले इलाहाबाद उत्तर, दक्षिण व पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा लगभग साढ़े चार लाख मतदाता बाहर हो गए। जनपद में इलाहाबाद उत्तर विधानसभा क्षेत्र से सबसे अधिकर 1.80 लाख वोटर के नाम कटे हैं।
खास-खास

- 11.56 लाख एएसडी वोटर्स के नाम काट दिए गए हैं मतदाता सूची से

- 5 लाख नए मतदाता बनाने का लक्ष्य है जिले का, अभी दो लाख बढ़े
नोमैपिंग वाले 2.87 लाख मतदाता

एएसडी वोटर्स को हटाने के बाद लगभग 35 लाख 36 हजार मतदाता बचे। इनमें नोमैपिंग वाले वोटर्स की श्रेणी में 2.87 लाख मतदाता हैं, जिनके नाम वर्ष 2003 और 2025 की मतदाता सूची से मिलान (मैचिंग) नहीं हो सकी है। वहीं जिले में 7.75 लाख मतदाता लाजिकल एरर (तार्किक विसंगति) वाले हैं, उन्हें भी नोमैपिंग वाले श्रेणी में रखा गया है।
70 हजार नोटिस के जवाब पर सुनवाई हुई

इस तरह से 10.62 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजा जाना है। अब तक लगभग 10.61 लाख नोटिस जेनरेट हो चुके हैं, जिनमें बीलएओ द्वारा लगभग 4.33 लाख नोटिस मतदाताओं को डिलीवर्ड किया गया है। इनमें 70 हजार नोटिस के जवाब पर सुनवाई भी हो चुकी है। ये सूची तहसील मुख्यालय, पंचायत भवनो एवं वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित की जाएगी।
तार्किक विसंगति वाले वोटरों को नोटिस

उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन पूजा मिश्रा ने बताया कि संबंधित ईआरओ और एईआरओ नोमैपिंग वाले वोटर्स के जवाब की सुनवाई कर रहे हैं। वहीं पर जिले में 7.74 लाख मतदाता लाजिकल एरर (तार्किक विसंगति) वाले हैं, उन्हें भी नोटिस भेजा जा रहा है, जिन्हें सुनवाई में जाने से छूट मिल गई है। ऐसे मतदाताओं को सिर्फ दस्तावेज भर देने हैं।
क्या बोलीं उप जिला निर्वाचन अधिकारी

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एएसडी वोटर्स भी फार्म संख्या छह भरकर अपना नाम सूची में जोड़वा सकते हैं, जिन्हें आवश्यक दस्तावेज देने होंगे। मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए चल रहे एसआइआर के तहत छह मार्च तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। नोटिस सुनवाई केंद्रों के दूर होने तथा लोगों की संख्या अधिक होने पर उन्हें कतार में खड़े होने की समस्या दूर कराने के आयोग के निर्देश पर जनपद में भी कार्य शुरू हो गया है।
आयोग के निर्देश

नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए फार्म छह की प्रगति पर विशेष ध्यान देने के भी आयोग से निर्देश आए हैं। जेंडर रेशियो के संतुलन को भी बनाए रखने को कहा गया है। लाजिकल डिस्क्रिपेंसी को दूर करने के लिए अतिरिक्त एईआरओ की आवश्यकता होने पर उनकी तैनाती करने को आयोग ने कहा है। सात जनवरी से 14 फरवरी तक कुल 1.83 लाख मतदाता बनाए गए हैं जबकि इसके पहले 27 दिसंबर 2025 से छह जनवरी 2026 तक लगभग 45 हजार नए मतदाता जोड़े गए थे। इस तरह से दो बार में लगभग 2.28 लाख नए मतदाता जुड़ चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा इलाहाबाद दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में हैं।   
तार्किक विसंगति वाले वोटरों के लिए आवश्यक

उप जिला निर्वाचन अधिकारी पूजा मिश्रा ने बताया कि लाजिकल एरर (तार्किक विसंगति) वाले मतदाताओं को सुनवाई से छूट मिली है।उन्हें जवाब देने के लिए बूथ पर नहीं जाना है। बीएलओ घर जाकर जवाब के साथ संबंधित दस्तावेज लेंगे। लाजिकल एरर वाले वोटर्स दस्तावेज में आधार, खतौनी अथवा राशन कार्ड आदि दे सकते हैं। ऐसे मतदाता जिनका आलेख्य निर्वाचन नियमावली में नाम शामिल है और जिनकी मैपिंग तो हुई है मगर उनके पिता के वर्ष 2003 से वर्ष 2025 की सूची में वर्तनी में (नाम में) अशुद्धि होने के कारण पिता का नाम मिसमैच कर रहा है तो उन्हें केवल जवाब देना है, सुनवाई से छूट है।
...तो सुनवाई में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ऐसे व्यक्ति जिनकी छह मतदाताओं से मैपिंग हुई है (प्रोगेन्सी-छह), ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता की उम्र में 15 साल से कम का अंतर (पैरेंट एज डिफरेंस-15) है, ऐसे वोटर जिनके माता-पिता की उम्र में 50 वर्ष से अधिक का अंतर है (पैरेंट एज डिफरेंस 50) या ऐसे मतदाता जिनके दादा-दादी की उम्र में 40 वर्षों का अंतर है (ग्रैंड पैरेंट एज डिफरेंस-40) आदि तार्किक विसगंतियों के कारण नोटिस जारी किया गया है, उन मतदाताओं द्वारा बीएलओ को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिया जाता है तो सुनवाई में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।

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