झारखंड नगर निकाय चुनाव। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में इस बार नगर निकाय चुनाव बैलेट पेपर से हो रहा है। मतदान केंद्रों पर किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाने के निर्देश जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को दिए हैं।
मतदान केंद्रों पर कब्जा, बैलेट पेपर लूटने या किसी अन्य गलत आचरण करनेवालों के लिए कड़ा कानून है। ऐसे मामलों में एक वर्ष से पांच वर्ष तक सजा हो सकती है।
सरकारी कर्मी या पदाधिकारी ऐसा करता है, तो उसे न्यूनतम एक वर्ष की जगह तीन वर्ष की सजा होगी। उसपर विभागीय कार्यवाही अलग से चलेगी। ऐसे में उसकी नौकरी भी जा सकती है।
मतदान केंद्रों पर गलत आचरण करने पर तीन माह तक के कारावास या जुर्माना या फिर दोनों दंड लागू हो सकता है। निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणना अभिकर्ता के रूप में सरकारी कर्मचारियों द्वारा कोई ऐसा कार्य करता है, तो उसके विरुद्ध भी यही सजा लागू होगी।
कोई व्यक्ति मतदान केंद्रों से बैलेट पेपर को हटाता है तो एक वर्ष तक के कारावास या पांच सौ रूपये तक के जुर्माने से या दोनों दंड लागू हो सका है।
मतदान केंद्र पर कब्जा करने पर एक वर्ष से पांच वर्ष तक का कारावास और जुर्माना का प्रविधान है। सरकारी कर्मचारी के लिए न्यूनतम सजा तीन वर्ष लागू होगी। मतदान केंद्र या इसके समीप शस्त्र ले जाने पर भी प्रतिबंध है।
ऐसा करने पर दो वर्ष तक की सजा और जुर्माना का प्रविधान है। कोई व्यक्ति या प्रत्याशी मतदान के लिए प्रलोभन देता है या किसी तरह का दबाव डालता है तो उसके विरुद्ध भी न्यूनतम एक वर्ष की सजा लागू होगी। चुनाव से संबंधित गलत बयानबाजी पर भी दंड का प्रविधान लागू है। |