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आगरा: जूतों की फर्म ने एसबीआई से 3.25 करोड़ का लोन लेकर की धोखाधड़ी, मुकदमा दर्ज

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जागरण संवाददाता, आगरा। जूतों का निर्यात करने वाली फर्म के नाम पर एसबीआई से 325 करोड़ रुपये का लोन लेकर धोखाधड़ी की गई। बैंक को बिना सूचना दिए आरोपितों ने फर्म को बंद कर दिया। लोन की रकम न चुकाने के कारण खाता नान परफार्मिंग एसेट्स (एनपीए) हो गया।

बैंक की ओर से सीबीआई के साथ ही आर्थिक अपराध शाखा लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई गई। सिकंदरा थाने में शिकायत करने के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। डिप्टी मैनेजर ने हरीपर्वत थाने में कोर्ट के आदेश पर फर्म व तीन साझेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
न्यायालय के आदेश पर हरीपर्वत थाना पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

एसबीआई की संजय प्लेस स्थित लघु एवं मध्यम उद्यम नगर ऋण केंद्र (एसएमईसीसी) शाखा के डिप्टी मैनेजर अरविंद कुमार ने मैसर्स आन्हा एक्सपोर्ट के साथ ही साझेदार अनुराधा सहगल निवासी इंडस्ट्रियल एरिया सिकंदरा, सिद्धांत गुप्ता निवासी सेक्टर 93 नोएडा व हर्षित ओबेराय निवासी कावेरी कौस्तुभ सिकंदरा के खिलाफ के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है।

दर्ज मुकदमे में कहा है कि आरोपितों ने पार्टरनशिप फर्म मैसर्स आन्हा एक्सपोर्ट जो चमड़े के जूतों बनाने के साथ निर्यात करती है के नाम पर एसबीआई गोल्ड कार्ड योजना के तहत 325 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराया था। साझेदारों ने 22 मार्च 2021 को डीड बनाई गई थी। आरोपितों ने अपनी कई संपत्तियों को बैंक के पास बंधक रखा था।
जूतों का निर्यात करती थी फर्म, बिना सूचना के फर्म को किया बंद

फर्म के साझेदारों ने दो करोड़ 50 लाख 59 हजार 913 रुपये का अन्य निजी खातों में जमा किए। पांच फरवरी 2020 से 13 जुलाई 2021 तक लोन से स्वीकृत चल रही इकाई को बंद करके उसी परिसर में नई इकाई ओबेराय ओवरसीज नाम से संचालित कर ली। इस संबंध में बैंक को सूचित नहीं किया गया, न ही अनुमति ली गई। लोन की राशि का भुगतान करना भी बंद कर दिया, जिससे 28 जून 2021 को खाता नान-परफार्मिंग एसेट्स (एनपीए) हो गया।

बैंक की फ्रॉड आइडेंटिफिकेशन कमेटी की रिपोर्ट में भी खाते को फ्रॉड घोषित कर दिया गया। बैंक की ओर से 25 सितंबर 2024 को मामले की शिकायत पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा लखनऊ में की गई। साथ ही सीबीआई में भी शिकायत की गई। इंस्पेक्टर हरीपर्वत नीरज शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच की जा रही है।
लोन लेने के बाद बंद कर दी गई फर्म

धोखाधड़ी की वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। मैनेजर ने बताया कि साझेदारों में विवाद के कारण फर्म का खाता अनियमित हो गया। 22 मार्च 2021 साझेदारी विलेख के अनुसार नई साझेदार स्मृति पांडेय को फर्म में प्रवेश कराया गया। पुराने साझेदार अनुराधा सहगल व सिद्धांत गुप्ता की सेवानिवृत्ति कर दी गई। बैंक से न तो किसी साझेदार की व्यक्तिगत गारंटी जारी की गई। न ही कोई नया व्यक्तिगत गारंटर जोड़ा गया। नए साझेदार जोड़ने की सूचना बैंक को नहीं दी गई।

डिप्टी मैनेजर के अनुसार लोन लेने के कुछ महीने बात ही फर्म को साझेदारों ने बंद कर दिया। हर्षित ओबेराय की ओर से उसी परिसर में नई इकाई ओबेराय ओवरसीज नाम से खोल ली गई। इस संबंध में न तो बैंक को सूचना दी गई और न ही अनुमति ली गई। फर्म के लाभ को भी खाते में जमा नहीं किया गया।
पुलिस को भी कटघरे में किया खड़ा

एसबीआई के डिप्टी मैनेजर अरविंद कुमार ने कमिश्नरेट पुलिस को भी कटघरे में किया है। मुकदमे में उन्होंने कहा है कि हरीपर्वत थाने में मामले की शिकायत वर्ष 2025 में की गई थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद 29 सितंबर 2025 को बैंक ने पुलिस कमिश्नर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायती पत्र भेजा। इसके बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद बैंक ने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर हरीपर्वत थाना पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है।
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