search
 Forgot password?
 Register now
search

भारत पर से 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ हटा सकता है अमेरिका, ट्रंप के मंत्री ने दिए संकेत

cy520520 1 hour(s) ago views 189
  

भारत पर से 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ हटा सकता है अमेरिका (फोटो- रॉयटर)



पीटीआई, न्यूयॉर्क। यूरोपीय यूनियन और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता अंतिम पड़ाव पर पहुंचने की खबरों के बीच अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने के संकेत दिए हैं।
भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों को \“\“सफलता\“\“ करार दिया

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार को कहा कि रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने की गुंजाइश है क्योंकि भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद \“पूरी तरह से बंद\“ हो गई है। उन्होंने भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों को \“\“सफलता\“\“ करार दिया।
ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें रूसी तेल की खरीद के कारण 25 प्रतिशत टैरिफ शामिल है। इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में तनाव है।

बेसेंट ने एक साक्षात्कार में कहा, \“\“हमने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए। अब भारतीय रिफाइनरियों द्वारा रूसी तेल की खरीद पूरी तरह से बंद हो गई है। यह एक सफलता है। रूसी तेल पर 25 प्रतिशत टैरिफ अभी भी लागू हैं।\“\“

उन्होंने आगे कहा, \“\“मुझे लगता है कि उन्हें हटाने की गुंजाइश है। यह एक प्रतिबंध है और एक बड़ी सफलता है।\“\“ बे सेंट ने भारत पर टैरिफ नहीं लगाने के लिए यूरोप की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, \“\“हमारे दिखावा करने वाले यूरोपीय सहयोगियों ने ऐसा करने (टैरिफ लगाने) से इन्कार कर दिया क्योंकि वे भारत के साथ यह बड़ा व्यापार समझौता करना चाहते थे।\“\“

बेसेंट ने भारत पर यूक्रेन पर हमले के बाद रूस से अधिक तेल आयात करने और रिफाइन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, \“\“यूक्रेन पर हमले से पहले भारतीय तेल का लगभग दो प्रतिशत या तीन प्रतिशत रूसी तेल उनकी रिफाइनरियों में जाता था। रूसी तेल पर प्रतिबंध के बाद इसे बहुत कम कीमत पर बेचा गया और भारतीय रिफाइनरियों में यह बढ़कर 17, 18, 19 प्रतिशत हो गया। रिफाइनरियों को भारी मुनाफा हुआ।\“\“

बेसेंट ने यूरोप पर भारत में रिफाइन किए गए तेल को खरीदकर रूस के युद्ध को फं¨डग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, \“\“विडंबना और बेवकूफी की हद तो तब हो गई, जब भारतीय रिफाइनरियों से रिफाइन हुए रूसी तेल के उत्पादों को यूरोपीय देशों ने खरीदा। वे खुद अपने ही विरुद्ध युद्ध का वित्त पोषण कर रहे हैं।\“\“

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने यूरोपीय देशों को \“\“बेवकूफ\“\“ कहा, तो बेसेंट ने कहा, \“\“मैंने कहा कि यह बेवकूफी भरा काम था।\“\“

गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय यूनियन जल्द ही मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत खत्म होने की घोषणा कर सकते हैं। बेसेंट का बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी कांग्रेस में एक विधेयक पर चर्चा भी चल रही है जिसमें रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रविधान है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का कहना है कि भारत को इस विधेयक के बारे में पता है और वह घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है।

बेसेंट ने कहा कि अमेरिका वैश्विक आर्थिकी को फिर से व्यवस्थित कर रहा है। अब खरबों डालर का निवेश अमेरिका में वापस आ रहा है। टैरिफ के काफी आय हो रही है। फैक्टि्रयों और विनिर्माण के वापस आने की घोषणाएं हो रही हैं।

बेसेंट ने कहा कि दावोस बैठक से पहले और उस दौरान ग्रीनलैंड पर \“\“हिस्टीरिया का लेवल\“\“ पूरी तरह नियंत्रण से बाहर था। इसे मीडिया और यूरोप संचालित कर रहा था। उस दौरान विभिन्न देशों ने कुछ बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बयान दिए। इससे इनमें से कुछ देशों के मुखौटे उतर गए। कुछ नेताओं ने अपने मुखौटे उतार दिए।

बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अप्रैल में बीजिंग का दौरा करेंगे और चिनफिंग गर्मियों में अमेरिका आ सकते हैं। संभावना है कि दोनों देशों के नेता इस वर्ष चार बार मिल सकते हैं।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
152913

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com