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अपनी शिकायत दिखाता बुजुर्ग। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, हापुड़। थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव बछलौता में एक बुजुर्ग की जिंदगी को भ्रष्टाचार की चक्की में पिसते देखकर हर कोई हैरान है। 70 साल की उम्र के जगवीर सिंह उत्तर प्रदेश सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत हर महीने पेंशन पाते थे।
मगर, आज भूखे पेट सोने को मजबूर हैं। कारण गांव के सचिव और महिला सहायिका ने उन्हें दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया। जबकि वृद्ध आज भी पूरी तरह जीवित, तंदुरुस्त और अपने पैरों पर खड़े हैं। पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरी साजिश का पर्दाफाश करने की गुहार लगाई है।
शिकायती पत्र में गांव बछलौता के जगवीर सिंह ने बताया कि पिछले कई सालों से वृद्धावस्था पेंशन ले रहे थे। लेकिन अचानक एक दिन पेंशन का भुगतान बंद हो गया। जब पूछताछ की तो पता चला कि समाज कल्याण विभाग को उनकी मृत्यु की रिपोर्ट भेज दी गई है।
मैं जीवित और स्वस्थ हूं, लेकिन सचिव और महिला सहायिका सैनी ने मुझे मृत दर्शाकर पेंशन बंद करवा दी। दोनों भ्रष्ट किस्म के व्यक्ति हैं। आम जनता की निशुल्क सेवाओं को बेचने का धंधा कर रहे हैं।
उन्होंने पूरा जीवन मेहनत करके गुजारा, अब बुढ़ापे में यह लोग मेरी पेंशन छीन रहे हैं। इन दोनों को पद से हटाया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई और बुजुर्ग इस तरह का अत्याचार न झेले।
जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि मामला गंभीर है। अधिकारिक स्तर से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई तय होगी।
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