जागरण संवाद, बहराइच। 14 विकास खंड मुख्यालयों पर पशु औषधि केंद्र खोलने की कवायद शुरू हो गई है। केंद्र खुलने से पशु पालकों को राहत मिलेगी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने आनलाइन आवेदन मांगें हैं। इन औषधि केंद्र के खुलने से 15.61 लाख मवेशियों को लाभ पहुंचेगा।
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तरह ब्लाकों में पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन करने वाले आवेदक को फार्मासिस्ट का नाम एवं वैध पंजीकरण विवरण, दुकान के लिए न्यूनतम 120 वर्ग फिट स्थान होना जरूरी है। ड्रग लाइसेंस का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस योजना के तहत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र एवं सहकारी समितियों से जुडे पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। यहां से दवाएं खरीदने पर 20 फीसदी तक की पशुपालकों को छूट मिलने की बात कही गई है।
जिले में पशुओं की संख्या
गोवंशी पशु 338292, महिषवंशी-424265, भेड़- 15488, बकरी- 581585, सुकर-5136, कुक्कुट-176152, घोड़ा, टट्टू, खच्चर--20158
(नोट यह आंकड़े 20वीं पशुगणना के अनुसार पशुपालन विभाग द्वारा बताए गए हैं।)
केंद्रों पर मिलेंगी 300 से 400 प्रकार की दवाएं
पशु औषधि केंद्रों पर पशु पालकों को सस्ते दर पर 300 से लेकर 400 प्रकार की दवाएं मिलेंगी। पशु पालकों को बाजार से कम दर में गुणवत्तापरक दवाएं केंद्र के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्र खोलने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
पशु जन औषधि केंद्र के लिए पोर्टल शुरू हो गया है। औषधि केंद्रों के संचालन में सहकारी समिति और पीएम कृषक समृद्धि केंद्र के सदस्यों प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन के लिए फार्मासिस्ट पंजीकरण प्रमाणपत्र और ड्रग लाइसेंस लेना होगा। प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी ब्लाकों में यह केंद्र खोल दिए जाएं। -डा. राजेश उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बहराइच। |