594 KM लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू होने को लेकर बड़ा अपडेट
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। एक्सप्रेसवे के 594 किलोमीटर के मुख्यमार्ग का निर्माण पूरा किया जा चुका है, लेकिन वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे 295 किलोमीटर में चहारदीवारी (बाउंड्रीवाल) और मेटल बीम क्रैश बैरियर का निर्माण किया जा रहा है।
औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने मार्च तक इसका निर्माण पूरा कराने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को दिया है। नतीजतन इसका संचालन अप्रैल में शुरू किया जा सकेगा।
औद्योगिक विकास मंत्री ने शनिवार को पिकप भवन में यूपीडा के अधिकारियों के साथ बैठक कर एक्सप्रेसवे के निर्माण की समीक्षा की। यूपीडा के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वाहनों का अवागमन शुरू होने के पहले इसके सुरक्षात्मक उपायों पर कार्य किया जा रहा है।
प्रदेश में संचालित हो रहे एक्सप्रेसवे के किनारे लोहे के तारों से फेंसिंग कराई गई है, लेकिन आस-पास के गांवों के लोग तारों को काट कर रास्ता बना लेते हैं। इसके चलते दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। इसीलिए गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे पक्की चहारदीवारी बनाई जा रही है। इसके निर्माण के बाद ही इसका लोकार्पण किया जाएगा।
औद्योगिक विकास मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवीन प्रस्तावित सभी एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे का शिलान्यास अक्टूबर तक करा लिया जाए। इनमें विंध्य एक्सप्रेसवे, विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे), फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे (गंगा एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे), जेवर लिंक एक्सप्रेसवे (यमुना एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस वाया बुलन्दशहर) व झांसी लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
मंत्री ने यूपीडा में लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों को उनके मूल विभागों में भेजे जाने एवं अन्य विभागों से अधिकारियों की यूपीडा में तैनाती की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कहा कि विवादित प्रकरणों में भूखंडों का आवंटन सभी शर्तों को ध्यान में रखते हुए किया जाए। |
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