यूपी बोर्ड परीक्षा में गड़बड़ी करने पर रद होगी केंद्र की मान्यता।
संवाद सूत्र, गोंडा। 18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार में जोनल, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के साथ केंद्र व्यवस्थापकों और वाह्य केंद्र व्यवस्थापकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि परीक्षा की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा।
जिले के 14 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील और तीन को अति संवदेनशील की सूची में शामिल किया गया है। बैठक की अध्यक्षता अपर जिला अधिकारी आलोक कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र तथा उप जिलाधिकारियों ने की। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसी कैमरों की निगरानी में परीक्षा संपन्न कराने का आदेश दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इस वर्ष जिले में कुल 97340 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 95993 संस्थागत और 1347 व्यक्तिगत छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इनके लिए जिले भर में 151 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए चार जोनल मजिस्ट्रेट, 13 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 151 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
प्रत्येक केंद्र पर एक केंद्र व्यवस्थापक के साथ एक वाह्य केंद्र व्यवस्थापक की भी नियुक्ति की गई है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। वहीं पांच सचल दल का गठन करने के साथ ही 4625 कक्ष निरीक्षक की तैनाती की गई है।
केंद्र व्यवस्थापक के विरुद्ध होगी कार्रवाई
डीआइओएस ने कहा कि परीक्षा के दौरान यदि किसी भी केंद्र से शिकायत मिलती है और जांच में गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित केंद्र व्यवस्थापक के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, आवश्यक हुआ तो एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी।
साथ ही, ऐसे विद्यालय को अगले वर्ष परीक्षा केंद्र बनाने के प्रस्ताव से वंचित करने के साथ मान्यता रद करने की भी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर सभी विद्यालयों को प्रवेश और प्रश्नपत्रों का वितरण भी प्रारंभ कर दिया गया है।
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