गढ़वा थाना में एफआईआर दर्ज। (जागरण)
संवाद सहयोगी, गढ़वा। नगर निकाय चुनाव 2026 के बीच गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संतोष कुमार केशरी पर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
गढ़वा थाना क्षेत्र अंतर्गत शहर के दीपवां मोहल्ला निवासी बलराम तिवारी के आवेदन पर चौधराना बाजार निवासी संतोष कुमार केशरी के विरुद्ध पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला गढ़वा थाना कांड संख्या 108 2026 पर भादवि की धारा 420 एवं 406 के तहत दर्ज किया गया है।
बता दें कि संतोष कुमार केशरी झामुमो समर्थित प्रत्याशी के रूप में नगर परिषद अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे हैं। चुनावी माहौल के बीच दर्ज हुई इस प्राथमिकी से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
आरटीजीएस से दिया गया था तीन लाख रुपये, कुल पांच लाख का था लेनदेन
प्राथमिकी में बलराम तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनके पुत्र राकेश कुमार तिवारी (अब स्वर्गीय) ने 27 अप्रैल 2018 को संतोष कुमार केशरी को तीन लाख रुपये उधार दिए थे, जिसका भुगतान आरटीजीएस ट्रांसफर के माध्यम से किया गया था।
इसके अलावा अन्य माध्यम से भी कुल पांच लाख रुपये आरोपी को उधार दिए गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार बार-बार मांग करने के बावजूद संतोष कुमार केशरी ने रकम वापस नहीं की। तब आठ अप्रैल 2021 को अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन उसके बाद भी न तो कोई जवाब दिया गया और न ही राशि लौटाई गई।
बीमारी के बाद पुत्र की मौत, फिर भी नहीं की अदायगी
प्राथमिकी के अनुसार राकेश कुमार तिवारी करीब नौ-दस महीने तक गंभीर बीमारी से जूझते रहे और 17 जनवरी 2022 को उनकी मृत्यु हो गई। इसके बावजूद आरोपी ने उधार की राशि वापस नहीं की।
पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि पुत्र की मृत्यु के बाद भी उन्होंने कई बार पैसे लौटाने की मांग की, लेकिन आरोपी हर बार टालमटोल करता रहा। एक फरवरी 2026 को जब अंतिम बार रकम की मांग की गई, तो आरोपी ने साफ तौर पर पैसे लौटाने से इंकार कर दिया।
चुनावी माहौल में एफआईआर से सियासी हलचल
नगर निकाय चुनाव के दौरान अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
माना जा रहा है कि अब गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र से अध्यक्ष पद के अन्य प्रत्याशी संतोंष कुमार केशरी की नैतिकता पर सवाल खड़े करेंगे और उनके विरुद्ध पैसे के लेनदेन में धोखाघड़ी के आरोप को भुनाने का प्रयास करेंगे। इधर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। |
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