गया में 30 करोड़ से बनेगा अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट
जागरण संवाददाता, गयाजी। गयाजी स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। अस्पताल परिसर में एआरटी सेंटर के पीछे 100 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट बनाया जा रहा है। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन जून 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके तैयार होने के बाद गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज मिल सकेगा। अस्पताल में फिलहाल 1021 बेड की व्यवस्था है, जो अक्सर भरे रहते हैं। ऐसे में नए यूनिट से दबाव कम होगा।
गंभीर मरीजों को मिलेगा स्थानीय स्तर पर उपचार
मगध प्रमंडल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में आईसीयू जैसी उन्नत सुविधाओं के अभाव में कई गंभीर मरीजों को पटना या अन्य बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता है।
इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक व मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है। क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू होने के बाद दुर्घटना, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और सांस संबंधी गंभीर समस्याओं का इलाज यहीं संभव होगा। मरीजों को चौबीस घंटे विशेषज्ञ निगरानी में रखा जाएगा। इससे मृत्यु दर में कमी आने की संभावना है।
जीटी रोड हादसों के घायलों को राहत
अस्पताल के समीप स्थित जीटी रोड पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हादसों में घायल गंभीर मरीजों को तत्काल जीवन रक्षक उपचार की आवश्यकता होती है। अभी पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें रेफर करना पड़ता है।
नए यूनिट के चालू होने के बाद दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत उपचार मिल सकेगा। इससे समय की बचत होगी और जान बचाने की संभावना बढ़ेगी। स्थानीय लोगों के लिए यह बड़ी राहत साबित होगी।
आधुनिक उपकरणों से लैस होगा भवन
करीब दो हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में बन रहे इस यूनिट को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें वेंटिलेटर, मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम और गैस पाइपलाइन जैसी सुविधाएं होंगी। हाई-एंड बेड और आपातकालीन संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की जाएगी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिन्हा ने बताया कि निर्माण कार्य समय पर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
मगध क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती
क्रिटिकल केयर यूनिट बनने से रेफरल की संख्या में कमी आएगी और मरीजों को समय पर जीवन रक्षक सुविधा मिलेगी। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ भी घटेगा। गंभीर संक्रमण, बहु-अंग विफलता और ऑपरेशन के बाद की जटिलताओं का इलाज यहीं संभव होगा।
100 बेड का यह यूनिट मगध क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा। जून 2027 तक इसके पूरा होने के साथ ही अस्पताल की आपात चिकित्सा क्षमता और मजबूत हो जाएगी। |