पुराने व्यावसायिक वाहनों पर कर का बकाया। फोटो: सांकेतिक
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिले में 10 वर्ष से अधिक पुराने 12,319 व्यावसायिक वाहनों पर 104 करोड़ रुपये से अधिक कर व पेनल्टी बकाया है। परिवहन विभाग ने संबंधित वाहन स्वामियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, लेकिन महज तीन-चार वाहन स्वामी ही आरटीओ कार्यालय पहुंचे। अब विभाग ने बकाया वसूली को लेकर सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016 के बाद से ये वाहन विभाग के संपर्क में नहीं आए हैं। इन वाहनों की 10 वर्ष की वैध अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन न तो वाहन स्वामियों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया और न ही बकाया कर जमा किया। अधिकांश वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य दस्तावेज वर्षों पहले समाप्त हो चुके हैं।
इसके बावजूद आनलाइन पोर्टल पर कर की गणना लगातार जारी रहने से बकाया राशि बढ़ती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब ऐसे वाहन स्वामियों के खिलाफ आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी किए जाएंगे और बकाया की वसूली भू-राजस्व की भांति की जाएगी।
इस संबंध में एआरटीओ प्रवर्तन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित वाहन स्वामियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए
थे। लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। अब ऐसे मामलों में जल्द आरसी जारी करने की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 10 साल पूर्व पंजीकृत व्यवसायिक वाहनों पर बकाया का विवरण
क्रम वाहन प्रकार वाहन संख्या कर एवं पेनल्टी (लगभग)
1
ट्रक
4,619
₹39 करोड़ 20 लाख 72 हजार
2
टैक्सी
1,376
₹37 करोड़ 49 लाख 13 हजार
3
बस
320
₹15 करोड़ 4 लाख 56 हजार
4
ऑटो
5,361
₹11 करोड़ 56 लाख 80 हजार
5
लोडर
488
₹73 लाख 98 हजार
6
ट्रैक्टर-ट्रॉली
43
₹12 लाख 22 हजार
7
मिनी ट्रक
112
₹30 लाख 24 हजार
कुल योग
12,319
₹104 करोड़ 47 लाख 65 हजार
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