झारखंड में बेरोजगारी दर में बड़ी गिरावट। (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में बेरोजगारी दर में कमी आई है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह दर गुजरात और कर्नाटक के बाद झारखंड में सबसे कम है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा कराए गए हालिया सर्वे पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) में यह तथ्य सामने आया है कि पिछली तिमाही अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच झारखंड में बेरोजगारी दर घटकर सभी आयु समूह में 3.2 प्रतिशत रही।
झारखंड में जुलाई से सितंबर 2025 के बीच यह दर 4.3 प्रतिशत थी। इस तरह, बेरोजगारी दर में काफी कमी आई।
अद्यतन बेरोजगारी दर की तुलना राज्यों से करें तो गुजरात और कर्नाटक के बाद झारखंड में यह दर सबसे कम है।
गुजरात में अक्टूबर-दिसंबर 2025 के बीच बेरोजगारी दर 2.3 तथा कर्नाटक में 2.7 प्रतिशत रही। इस तरह, बेरोजगारी दर कम करने के मामले में झारखंड ने बड़े औद्योगिक राज्यों से बराबरी की है।
लेकिन झारखंड में भले ही इस दर में भारी कमी लाने में सफलता हासिल की है, लेकिन अभी भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्राें में अंतर काफी अधिक है।
झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां यह दर 2.3 प्रतिशत है, वहीं, शहरी क्षेत्रों में यह दर काफी अधिक 8.1 प्रतिशत है। जानकारों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए शहरी क्षेत्रों में आते हैं, इसलिए शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर अधिक परिलक्षित होती है।
वहीं, महिलाओं में बेरोजगारी दर पुरुषों की तुलना में कम है। यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में भी बनी हुई है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की बेरोजगारी दर अधिक है।
झारखंड में बेरोजगारी की दर (सभी आयु समूह)
क्षेत्र पुरुष महिला कुल
ग्रामीण
2.9
1.4
2.3
शहरी
6.8
15.0
8.1
ग्रामीण एवं शहरी
3.7
2.4
3.2
झारखंड में 15 वर्ष से अधिक आयु में बेरोजगारी दर
क्षेत्र पुरुष महिला कुल
ग्रामीण
2.9
1.4
2.3
शहरी
6.8
15.0
8.1
ग्रामीण एवं शहरी
3.7
2.4
3.2
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