PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, रांची। केंद्रीय कारा पलामू में बंद माओवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो दिनेश गोप व एक अन्य बंदी पूरण तिवारी का एम्स दिल्ली में इलाज होगा।
मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर कारा निरीक्षाणलय ने इसपर सहमति दे दी है। दोनों अगले महीने मार्च में होली के बाद कड़ी सुरक्षा में दिल्ली भेजे जाएंगे।
दूसरा बंदी पूरण तिवारी हत्या के एक मामले में उम्र कैद का सजायाफ्ता बंदी है। दिनेश गोप को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने नेपाल से गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी टेरर फंडिंग मामले में हुई थी।
बाद में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने भी उसे पीएमएल अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। वह सुरक्षा कारणों से लंबे समय से पलामू जेल में बंद है।
उसपर हत्या, रंगदारी, अपहरण, धमकी सहित बड़ी संख्या में आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये मामले झारखंड ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य में भी दर्ज हैं।
ईडी ने पीएमलए अधिनियम के तहत जांच के क्रम में पाया कि दिनेश गोप ने अपराध से करीब 20 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अर्जित की है। जेल में रहने के दौरान दिनेश गोप की तबीयत खराब हो गई। उसका स्थानीय स्तर पर भी इलाज हुआ, लेकिन वह पूरी तरह ठीक नहीं हुआ।
उसका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने भी उसके बेहतर इलाज की आवश्यकता महसूस की, जिसके बाद डॉक्टरों का बोर्ड बैठा। बोर्ड ने उसके एम्स दिल्ली में इलाज की अनुशंसा की है।
इलाज के दौरान दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखे जा सकते हैं दोनों
दोनों ही कैदियों को पुख्ता सुरक्षा के बीच झारखंड से दिल्ली ले जाया जाएगा। वहां एम्स में इलाज के दौरान सुरक्षा कारणों से दिल्ली के तिहाड़ जेल में भी रखा जा सकता है। अस्पताल में इलाज के दौरान मिलने वाले गैप के दौरान सुरक्षा एजेंसी यह निर्णय ले सकती है।
हालांकि, पूरा निर्णय इन कैदियों की सुरक्षा में जाने वाले सुरक्षाकर्मियों व उनके प्रभारी की होगी। दोनों ही कैदियों के अपराध से संबंधित संस्थानों को भी अवगत करा दिया गया है। |