deltin33 • 2026-2-12 23:56:06 • views 1000
यह तस्वीर एआई के सहयोग से ली गई है।
संवाद सूत्र, सहरसा। पूर्व मध्य रेल के विभिन्न रेलखंडों में ट्रेनों को अनावश्यक रूप से रोकने वालों के खिलाफ रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सख्त अभियान चलाया है। ‘ऑपरेशन समय पालन’ के तहत बिना पर्याप्त कारण चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकने वाले लोगों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों के समय पर परिचालन में बाधा डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, पूर्व मध्य रेल में पूर्व से ही अवैध रूप से चेन पुलिंग कर ट्रेनों को जहां-तहां रोकने वालों के विरुद्ध नियमित कार्रवाई की जाती रही है। अब इस अभियान को और तेज करते हुए जनवरी माह में विशेष ड्राइव चलाया गया। एक जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक विभिन्न रेलखंडों में बिना उचित कारण चेन पुलिंग करने के आरोप में कुल 1030 लोगों को हिरासत में लिया गया।
चेन पुलिंग के बारे में जानकारी
- चेन पुलिंग का मतलब है रेलवे ट्रैक पर लगे आपातकालीन ब्रेक की चेन या लीवर को बिना जरूरत खींचना।
- यह करना गैरकानूनी है क्योंकि इससे ट्रेन अचानक रुक जाती है और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।
- अक्सर लोग जाम, विरोध या किसी विवाद के कारण ट्रेन रोकने के लिए यह करते हैं।
- इससे ट्रेन की समय-सारिणी प्रभावित होती है और रेल संचालन में बड़ा नुकसान होता है।
- रेलवे सुरक्षा बल ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करता है।
- दोषियों को हिरासत में लिया जाता है और जुर्माना लगाया जाता है।
आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 496 मामले दानापुर मंडल में दर्ज किए गए। इसके अलावा समस्तीपुर मंडल में 200, पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में 108, सोनपुर मंडल में 130 तथा धनबाद मंडल में 96 लोगों को पकड़ा गया। सभी के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व मध्य रेल सहरसा के तीनों रेलखंडों में भी आरपीएफ द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। यहां औसतन प्रत्येक माह करीब दस लोगों को चेन पुलिंग करते पकड़ा जाता है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकतों से ट्रेनों का परिचालन बाधित होता है और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
पूर्व मध्य रेल में एक महीने के दौरान 1030 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। ट्रेनों के समय पर संचालन को सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑपरेशन समय पालन’ लगातार चलाया जा रहा है। -
सरस्वती चंद्र, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी |
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