जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में गुरुवार को \“सब्सटेंसिव मोशन\“ (विशिष्ट प्रस्ताव) पेश कर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और भविष्य में चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। दुबे ने आरोप लगाया कि सोरोस फाउंडेशन और देश को टुकड़े करने वाली ताक़तों के साथ मिलकर राहुल भारत विरोधी काम कर रहे हैं।
साथ ही झूठ बोलकर सदन को भी गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल के खिलाफ डा. निशिकांत के प्रस्ताव के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दिन भर प्रभावित रही और अंतत: स्थगित करनी पड़ी।
निशिकांत ने लोकसभा के नियम 352(5) और 353 का हवाला देते हुए यह प्रस्ताव पेश किया है। यह ऐसा प्रस्ताव होता है, जिसके जरिए सदन किसी मुद्दे पर अपना मत व्यक्त करता है या निर्णय की मांग करता है।
हालांकि ऐसे प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय सदन की प्रक्रिया और बहस के बाद ही होता है। इस तरह का कदम राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि इससे विपक्ष और सरकार के बीच टकराव और गहरा सकता है।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसे संगठनों से जुड़े लोगों के संपर्क में रहते हैं और भारत विरोधी तत्वों के साथ मिलकर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और लोकसभा अध्यक्ष पर लगातार सवाल उठाकर राहुल नई कहानी प्लांट कर रहे हैं।
दुबे के बयान के बाद विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी प्रस्ताव से डरने वाली नहीं है और वह संसद में अपनी बात उठाती रहेगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है और राहुल गांधी के वक्तव्यों को रिकार्ड से हटाया जा रहा है।
भाजपा सदस्य वानाथी श्रीनिवासन ने राहुल से राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर राजनीति न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता ने विपक्ष को सीमित समर्थन दिया है, ऐसे में सदन में व्यवधान पैदा करना उचित नहीं है। |
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