सदन में गूंजा फोरलेन का मामला। (सांकेतिक फोटो)
संवाद सूत्र, एकंगरसराय। नालंदा जिले के महत्वपूर्ण दो मार्गों-दनियावां से हुलासगंज जाने वाली एसएच-4 तथा इस्लामपुर से राजगीर तक की एसएच-71—को फोरलेन में तब्दील करने की मांग विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाई गई।
इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रुहेल रंजन ने पूरक प्रश्न में सरकार का ध्यान इन सड़कों की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि दोनों मार्गों पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए चौड़ीकरण अब समय की आवश्यकता बन चुका है।
विधायक ने अपने सवाल में कहा कि एसएच-71 इस्लामपुर से राजगीर तक लगभग 40 किलोमीटर लंबी है, जबकि एसएच-4 दनियावां से हुलासगंज तक करीब 44 किलोमीटर की दूरी तय करती है।
ये दोनों सड़कें हिलसा, इस्लामपुर, राजगीर, वजीरगंज, बेलागंज, अतरी और घोषी जैसे सात विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ती हैं।
मार्गों पर बड़ा है अत्यधिक दबाव
इन मार्गों पर प्रतिदिन भारी वाहनों, बसों, ट्रकों और स्थानीय यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है। विशेष रूप से राजगीर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल से जुड़ाव के कारण इस मार्ग पर यातायात का घनत्व और अधिक बढ़ जाता है।
पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपने जवाब में बताया कि दोनों सड़कों की वर्तमान चौड़ाई 7 मीटर है, जो राज्य राजमार्ग के निर्धारित मानक के अनुरूप है। तकनीकी दृष्टि से यह चौड़ाई पर्याप्त मानी जाती है।
उन्होंने कहा कि विभागीय मानकों के अनुसार फिलहाल इन सड़कों की स्थिति सामान्य श्रेणी में आती है। हालांकि, विधायक रुहेल रंजन ने तर्क दिया कि जमीनी हकीकत में यातायात का दबाव काफी बढ़ चुका है।
क्षेत्र में औद्योगिक, शैक्षणिक और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के कारण भविष्य में वाहनों की संख्या और बढ़ेगी। ऐसे में दुर्घटनाओं की आशंका और जाम की समस्या को देखते हुए समय रहते चौड़ीकरण की दिशा में पहल जरूरी है।
मंत्री ने आश्वस्त किया कि विधायक द्वारा उठाए गए बिंदुओं को गंभीरता से लिया गया है। सड़क पर बढ़ते दबाव, क्षेत्रीय आवश्यकता और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए मामले की समीक्षा कर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।
सदन में उठे इस मुद्दे के बाद संबंधित जिलों के लोगों में उम्मीद जगी है कि सरकार इन दोनों महत्वपूर्ण राज्य राजमार्गों के उन्नयन पर सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे आवागमन सुगम होने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। |
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