हिमाचल प्रदेश में एचआईवी पीड़ित की जांच सार्वजनिक करने पर एफआईआर दर्ज हुई है। प्रतीकात्मक फोटो
संवाद सहयोगी, भराड़ी (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश में एक गजब मामला सामने आया है। पुलिस थाना भराड़ी के तहत एक गांव के एचआइवी पाजीटिव की जानकारी सार्वजनिक करने पर पुलिस ने उसकी पत्नी, सास और ससुर के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपित भी भराड़ी थाना के तहत आते एक गांव के हैं।
इस संबंध में शिकायत के बाद पुलिस ने पीड़ित के ससुराल पक्ष वाले गांव में पूछताछ की तो पता चला कि शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप सही हैं। इस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जानबूझकर क्षेत्र में चर्चा की
पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि वह एचआइवी पाजीटिव है। कानूनन इस जानकारी को गोपनीय रखा जाता है, लेकिन उसकी पत्नी और सास-ससुर ने जानबूझकर इस की चर्चा गांव व क्षेत्र में की। इससे बनी परिस्थितियों के कारण ही उसे यह कदम उठाना पड़ा, ताकि समाज में कोई भी व्यक्ति इस तरह की बीमारी के चलते किसी से भेदभाव न करे।
एक साल पहले हुई थी शादी
लगभग एक वर्ष पूर्व व्यक्ति की शादी हुई थी, जिसके चलते पत्नी ने यह कदम उठाया और वह अपने मायके चली गई। लेकिन इस तरह से किसी की बीमारी को सार्वजनिक करना उचित नहीं है। पुलिस का कहना है कि तीन लोगों पर मामला दर्ज कर लिया गया है। गहनता से छानबीन की जा रही है।
क्या कहते हैं नियम
नियमों के अनुसार ऐसी गोपनीय जानकारी सार्वजनिक करना दंडानीय अपराध है और ऐसा करने वाले आरोपितों के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर तीन माह से लेकर दो साल तक कारावास और एक लाख रुपये तक जुर्माना सजा हो सकती है। उधर पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संदीप धवल ने मामले की पुष्टि की है।
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