एपस्टीन पीड़ितों के प्रति पोम बोंडी ने जताई संवेदना
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने एपस्टीन फाइलों के प्रबंधन और व्हाइट हाउस में उनके वितरण को लेकर सदन की न्यायपालिका समिति के सामने गवाही दी। इस दौरान अमेरिकी अटॉर्नी जनरल ने एपस्टीन पीड़ितों के प्रत संवेदना व्यक्त करते हुए माफी मांगी है।
दरअसल, अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप का बचाव किया। अटॉर्नी जनरल ने न्याय विभाग द्वारा जेफरी एपस्टीन फाइलों के प्रबंधन की लगातार आलोचना से ध्यान हटाने की कोशिश की। उन्होंने टंप्र प्रशासन की प्रशंसा करते हुए अपने को ऐसे राष्ट्रपति के साथ एकजुट बताया, जिन्हें उन्होंने पिछले महाभियोगों और जांचों का शिकार बताया।
न्यायपालिका समिति के सांसदों से अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने कहा, “आप यहां बैठकर राष्ट्रपति पर हमला करेंगे तो मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा“।
फाइलों को लेकर सवाल
ज्ञात हो कि रिपब्लिकन अमेरिकी सांसद थामस मैसी ने बुधवार को अटार्नी जनरल पाम बोंडी पर यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के प्रभावशाली सहयोगियों का नाम छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह आरोप तब लगाया, जब प्रतिनिधि सभा की एक समिति के समक्ष सुनवाई के दौरान न्याय विभाग द्वारा फाइलों को लेकर उनसे सवाल किए गए।
क्यों हटा लिया गया लेस्ली वेक्सनर का नाम?
फाइलों को जारी करवाने के प्रयास का नेतृत्व करने वाले केंटुकी के रिपब्लिकन सांसद थामस मैसी ने न्याय विभाग पर कानून का पालन करने में भारी लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि यौन तस्करी मामले की जांच में संभावित सह-साजिशकर्ताओं की सूची वाले एफबीआइ दस्तावेज में अरबपति लेस्ली वेक्सनर का नाम क्यों हटा दिया गया था।
अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने कहा कि विभाग द्वारा जारी की गई अन्य फाइलों में वेक्सनर का नाम कई बार आया था और न्याय विभाग ने मैसी द्वारा इसे देखे जाने के 40 मिनट के भीतर दस्तावेज से उनका नाम हटा दिया था।
ट्रंप का किया बचाव
एपी के अनुसार, पाम बोंडी ने सुनवाई के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जोरदार बचाव किया। वह बार-बार डेमोक्रेट्स पर चिल्लाईं, जिसमें उन्होंने खुद को रिपब्लिकन के मुख्य रक्षक के रूप में पेश किया। उन्होंने एपस्टीन फाइलों से निपटने के न्याय विभाग के तरीके की लगातार हो रही आलोचनाओं को शांत करने की कोशिश की।
पीड़ितों के लिये व्यक्त किया खेद
पाम बोंडी ने एपस्टीन पीड़ितों से कहा कि वे अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में किसी भी जानकारी के साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने आएं और उन्होंने पीड़ितों को हुए कष्टों के लिए गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ितों से कहा कि आपराधिक दुराचार के किसी भी आरोप को गंभीरता से लिया जाएगा और उसकी जांच की जाएगी।
माफी मांगने से किया इनकार
लेकिन जब सांसद प्रमिला जयपाल ने उन पर दबाव डाला कि वे दर्शकों में मौजूद एपस्टीन पीड़ितों की ओर मुड़ें और ट्रंप के न्याय विभाग द्वारा उन पर किए गए अत्याचारों के लिए माफी मांगें, तो उन्होंने इनकार कर दिया और डेमोक्रेट पर “नाटक“ करने का आरोप लगाया। (समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)
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