सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम को लेकर भारतीय सेना ने नई नीति जारी की है. इस पॉलिसी के तहत, सैनिक और सैन्य अफसर, इंस्टा का इस्तेमाल देखने के लिए और निगरानी के लिए कर सकते हैं, लेकिन किसी भी तरह की पोस्ट, टिप्पणी और यहां तक की लाइक करने की भी मनाही है.
जानकारी के मुताबिक, सेना ने अपनी सभी फील्ड फॉर्मेशन्स और यूनिट्स को इस नई नीति से अवगत करा दिया है और सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है. सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भारतीय सेना की करीब सात-आठ सालों से खास नीति रही है. इस नीति के तहत भारतीय सैनिक, ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का बेहद सीमित इस्तेमाल कर सकते हैं. अब इसमें इंस्टा को भी जोड़ दिया गया है.
स्मार्ट फोन की उपयोगिता को लेकर नियमों में दी गई छूट
इंस्टा का इस्तेमाल भी बाकी मुख्य सोशल मीडिया साइट्स की तरह ही सूचना इकठ्ठा करने के लिए किया जा सकता है. साथ में सैनिकों को अगर कोई भ्रामक या फिर फर्जी पोस्ट दिखाई पड़ती है तो उसकी जानकारी भी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दे सकते हैं.
दरअसल, हनीट्रैप, जासूसी, डिसइंफोर्मेलन, मिस-इंफोर्मेशन, डाटा चोरी, सट्टेबाजी, गेमिंग और संवेदनशील जानकारियों के लीक होने के चलते, सेना (के तीनों अंगों) ने सोशल मीडिया और स्मार्ट फोन को लेकर कड़े नियम कानून बना रखे हैं. शुरुआत में सैनिकों के लिए स्मार्ट फोन के साथ-साथ सोशल मीडिया पूरी तरह प्रतिबंधित था, लेकिन आधुनिक युग में सोशल मीडिया और स्मार्ट फोन की उपयोगिता को लेकर सेना ने इन नियमों में छूट दे दी है.
भारतीय सेना ने जवानों के परिवारों से भी की अपील
इसके बावजूद, यूनिफॉर्म में तस्वीरें पोस्ट करना अभी भी पूरी तरह से बंद रहेगा. यहां तक की सैनिकों के परिवार के सदस्यों से भी आह्वान किया गया है कि वर्दी में तस्वीर या पोस्टिंग (और तबादले) की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा ना करें. साथ ही मिलिट्री बेस, छावनी या फिर किसी दूसरी संवेदनशील जगह की जानकारी और तस्वीरें साझा करने पर पूरी तरह रोक है. गलत इस्तेमाल और असामाजिक तत्वों के झांसे में फंसकर गैर-कानूनी या फिर देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर सजा का प्रावधान भी सेना की सोशल मीडिया की पॉलिसी का हिस्सा है.

सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर क्या बोले थलसेना प्रमुख
हाल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सैनिकों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को एक बड़ी चुनौती बताया था. हालांकि, सेना प्रमुख ने आज के दौर में स्मार्ट फोन और सोशल मीडिया को एक आवश्यकता बताई थी. जनरल द्विवेदी ने सैनिकों को सोशल मीडिया पर जल्दबाजी में रिएक्ट करने के बजाए सोच-समझकर रेस्पोंड करने की सलाह दी थी.
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