जागरण संवाददाता, मेरठ। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं आगामी 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। ये परीक्षाएं आगामी 12 मार्च तक चलेंगी। परीक्षा शुरू होने में अब कुछ दिन ही बचे हैं। इसके चलते परीक्षार्थी भी दिन रात तैयारियों में जुटे हुए हैं। कक्षा 12 की जीव-विज्ञान विषय की परीक्षा आगामी 23 फरवरी को दोपहर 2 से शाम 5.15 बजे की पाली में होगी। विषय की अच्छी तैयारी के लिए जीव विज्ञान विषय का पेपर जा रहा है। साथ विषय की बेहतर और सटीक तैयारी के लिए सनातन धर्म इंटर कालेज सदर वेस्ट एंड रोड के जीव-विज्ञान प्रवक्ता हरेंद्र कुमार महत्वपूर्ण सुझाव भी दे रहे हैं।
यहां से डाउनलोड करें जीव-विज्ञान के मॉडल पेपर की आंसर की ans key large_1.pdf
समय-सीमा तय करके लिखें उत्तर
बोर्ड परीक्षा में बेहतर ढंग से प्रश्न पत्र हल करने के लिए यह जरूरी है कि सबसे पहले हम समय-सीमा तय करें। इसके बाद ही परीक्षा में लिखना शुरू करें। समय-प्रबंधन न करने पर परीक्षार्थियों को पूरा पेपर हल करने में परेशानी आ सकती है। अथवा कोई भाग छूट सकता है। जिसका खामियाजा परीक्षार्थी को उठाना पड़ सकता है। इसलिए हर प्रश्न के उत्तर के लिए समय सीमा तय करें।
लंबे पैराग्राफ न लिख कर बिंदुवार उत्तर लिखें। अंत के 15 मिनट में उत्तरों का प्रश्न क्रमांक से मिलान करें और उत्तरों की सटीकता को जांच लें।
पांच यूनिट में विभाजित है जीव-विज्ञान का पाठ्यक्रम
यूपी बोर्ड की कक्षा 12 का पाठ्यक्रम पांच यूनिट में विभाजित है। उसी को ध्यान में रखकर परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी करनी है। प्रथम यूनिट में पादप जनन, मानव जनन व द्वितीय यूनिट में आनुवंशिकी, जैव विकास हैं। इनमें से भी अधिकतर प्रश्न पूछे जाते हैं। तीसरी यूनिट में सामान्य रोग, नशीले पदार्थ, मल उपचार और बायो गैस जैसे महत्वपूर्ण शीर्षक हैं। चौथी यूनिट में डीएनए, बायोप्सी को ध्यान से पढ़ें।वहीं, पांचवीं यूनिट से जैव विविधता, रेड डाटा बुक, खाद्य श्रृंखला एवं राष्ट्रीय उद्यान जैसे शीर्षक हैं। परीक्षा के दृष्टिकोण से इन सभी को भी ध्यान से पढ़ने की आवश्यकता है।
परीक्षा के लिए सभी डायग्राम और उदाहरणों को समझें
जीव-विज्ञान विषय की अच्छी तैयारी के लिए एनसीईआरटी को भी आधार बना सकते हैं। साथ ही डायग्राम्स और उदाहरणों को भी समझें। महत्वपूर्ण तथ्य, सूत्र और डायग्राम्स के अपने नोट्स तैयार करें। परीक्षा का पैटर्न समझने और समय प्रबंधन के लिए पिछले पांच से छह सालों के प्रश्नपत्र हल करने का अभ्यास करें।
पढ़ाई के साथ रिवीजन की भी योजना बनाएं
परीक्षा की तैयारी के दौरान समय-समय पर माक टेस्ट देकर अपनी गति और शुद्धता की जांच करें। पढ़ाई के दौरान प्रतिदिन एक अथवा दो अध्याय का रिवीजन भी जरूर करें। परीक्षा भवन में जाने से पहले आपका यह प्रयास होना चाहिए कि कम से कम दो से तीन बार रिवीजन हो जाए। यदि कहीं परेशानी आती है तो लिखकर देख सकते हैं। ऐसा करने से आपको अपनी त्रुटियों में सुधार का अवसर मिलेगा। |