search
 Forgot password?
 Register now
search

बदला जाए जातियों के बीच वैमनस्यता बढ़ाने वाला UGC का नियम, जगदगुरु स्वामी अधोक्षजानंद माघ मेला में बोले

deltin33 2 hour(s) ago views 435
  

प्रयागराज स्वामी अधोक्षजानंद ने यूजीसी के जातियों में वैमनस्यता बढ़ाने वाले नियम बदलने की आवश्यकता बताई।



जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सनातन धर्म को कालनेमि संतों, कुटिल अधिकारियों से खतरा है, जो सनातन धर्मावलंबियों में विघटन पैदा करके समाज को बांटना चाहते हैं। समाज बंटेगा तो उसका फायदा गैर सनातनी शक्तियां उठाएंगी। इसके खिलाफ एकजुट होकर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। यह बातें जगदगुरु स्वामी अधोक्षानंद देवतीर्थ ने कहीं।
भगवा वस्त्र धारण कर धर्मविरोधी एजेंडा पर काम कर रहे

माघ मेला क्षेत्र स्थित अपने शिविर में संतों और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी अधोक्षजानंद ने कहा कि तमाम लोग भगवा वस्त्र धारण करके धर्मविरोधी एजेंडा पर काम कर रहे हैं। ऐसे लोग बातें तो सनातन धर्म की करते हैं, लेकिन लक्ष्य दूसरे पंथों को लाभ पहुंचाना होता है। उन्होंने यूजीसी के \“\“उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देना विनियम, 2026\“\“ को बदलने पर जोर दिया। कहा कि इससे समाज में वैमनस्यता बढ़ेगी।
नए नियम से हिंदुओं में वर्ग और पंथ की खाईं बढ़ेगी

उन्होंने कहा कि यूजीसी के कर्ताधर्ता समाज की मंशा के विपरीत काम कर रहे हैं, उनके नए नियम से हिंदुओं में वर्ग और पंथ की खाईं बढ़ेगी। सामाजिक प्रेम और भाईचारा नष्ट होगा। नए नियम से पिछड़ों का हित नहीं होगा, बल्कि अगड़ों का उत्पीड़न होगा। जो भारतीय संस्कृति की मूलभावना के खिलाफ है। कहा कि सनातन संस्कृति में भेदभाव विहीन समाज की संकल्पना है। प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण ने अपने जीवनकाल में सबको गले लगाकर सार्थक संदेश दिया है। हर भारतीय को उसी मार्ग पर चलना है।
स्वामी अधोक्षजानंद का अभिनंदन

गोवर्धन मठ के पीठाधीश्वर के रूप में 31 वर्ष पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं ने स्वामी अधोक्षजानंद का अभिनंदन किया। इसको लेकर वर्ष 2026 में भारत और नेपाल के 31 राज्यों में पीठारोहण महोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया। भारत के 28 और नेपाल के तीन राज्यों में भव्य महोत्सव मनाया जाएगा। सूचना आयुक्त पीएन द्विवेदी ने सनातन धर्म के उत्थान में स्वामी अधोक्षजानंद के योगदान को अनुकरणीय बताया।

यह भी पढ़ें- Magh Mela : पुण्यकारी रविपुष्य योग, चतुर्ग्रहीय संयोग में लगेगी माघी पूर्णिमा की डुबकी, कब से कब तक है स्नान का पुण्यकाल?

यह भी पढ़ें- माघ मेले में अचला सप्तमी पर उमड़ा जनसैलाब, गणतंत्र दिवस पर भी भारी भीड़ की उम्मीद
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
467036

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com